Track your nutrition and health goals

लेखक: डॉ. कृष्णा अथमाकुरी, Clearcals के सह-संस्थापक और CEO
बेंच प्रेस अपर-बॉडी की सबसे बहुमुखी कंपाउंड एक्सरसाइज है। ग्रिप, एंगल या इक्विपमेंट बदलिए — और यह बदल जाता है कि किन मसल्स पर सबसे ज़्यादा भार पड़ेगा, आपको कितनी रेंज ऑफ मोशन मिलेगी, और आप ताकत (strength) बना रहे हैं, साइज़ (size) बढ़ा रहे हैं या असंतुलन (imbalance) ठीक कर रहे हैं।
यह गाइड हर श्रेणी में फैली 23 बेंच प्रेस वेरिएशन को कवर करती है: फ्लैट, इनक्लाइन, डिक्लाइन, ग्रिप, मशीन, डम्बल और फ्लोर-आधारित। हर प्रमुख वेरिएशन के लिए आपको मिलेगा कि कौन सी मसल्स काम करती हैं, इसे कब इस्तेमाल करना है, और यह एक पूर्ण चेस्ट प्रोग्राम में कैसे फिट बैठता है।
खास एंगल्स पर विस्तृत जानकारी के लिए:
लिस्ट से पहले, यह रहा निर्णय लेने का ढाँचा:
| लक्ष्य | बेस्ट वेरिएशन |
|---|---|
| अधिकतम ताकत (strength) | फ्लैट बारबेल बेंच प्रेस |
| अपर चेस्ट विकास | इनक्लाइन बारबेल या डम्बल (30°) |
| लोअर चेस्ट डेफिनिशन | डिक्लाइन बेंच प्रेस, चेस्ट डिप्स |
| ट्राइसेप साइज़ | क्लोज ग्रिप बेंच प्रेस |
| मसल असंतुलन ठीक करना | डम्बल वेरिएशन (दोनों हाथ स्वतंत्र) |
| कंधे के लिए सुरक्षित प्रेसिंग | न्यूट्रल ग्रिप डम्बल प्रेस, फ्लोर प्रेस |
| बिना इक्विपमेंट / घर पर ट्रेनिंग | पुश-अप्स, फ्लोर प्रेस |
| शुरुआती लोग (beginners) | चेस्ट प्रेस मशीन, फ्लैट डम्बल प्रेस |
मानक बेंच प्रेस — वह आधार जिसके सामने बाकी सभी प्रेसिंग मूवमेंट को मापा जाता है। बारबेल के साथ फ्लैट (0°) पर किया जाता है।
काम करने वाली मसल्स: पेक्टोरैलिस मेजर (मिड-चेस्ट प्राथमिक), ट्राइसेप्स, एंटीरियर डेल्टॉइड्स
किसके लिए बेस्ट: समग्र चेस्ट मास, अधिकतम ताकत, प्रोग्रेसिव ओवरलोड
सेट/रेप्स: ताकत के लिए 4×6–8; हाइपरट्रॉफी के लिए 3–4×8–12
पूर्ण फॉर्म गाइड और शरीर के वज़न के हिसाब से कैलोरी बर्न के लिए, देखें बेंच प्रेस गाइड।
फ्लैट प्रेस का डम्बल वर्शन। हर हाथ स्वतंत्र रूप से काम करता है, जिससे ज़्यादा रेंज ऑफ मोशन और अधिक स्टेबलाइज़र सक्रियता मिलती है।
काम करने वाली मसल्स: पेक्टोरैलिस मेजर (मिड-चेस्ट), ट्राइसेप्स, एंटीरियर डेल्टॉइड्स, बारबेल से ज़्यादा स्टेबलाइज़र मसल्स
बारबेल पर बढ़त: नीचे की तरफ ज़्यादा ROM; बाएँ-दाएँ की ताकत के असंतुलन को ठीक करता है
किसके लिए बेस्ट: हाइपरट्रॉफी, संतुलित विकास, पहले कंधे की समस्या रहे लिफ्टर्स
सेट/रेप्स: 3–4×10–15
प्रोग्रामिंग टिप: वॉल्यूम और ROM के लिए भारी बारबेल वर्क के बाद फ्लैट डम्बल बेंच को सेकंडरी चेस्ट एक्सरसाइज के रूप में इस्तेमाल करें।
बेंच को 30–45° ऊपर की ओर झुकाया जाता है। यह फ्लैट प्रेसिंग की तुलना में अपर पेक्टोरैलिस मेजर (क्लैविकुलर हेड) को ज़्यादा टारगेट करता है। अपर चेस्ट के लिए सबसे अच्छा एंगल 30 डिग्री है।
काम करने वाली मसल्स: अपर पेक्टोरैलिस मेजर (30° पर प्राथमिक), एंटीरियर डेल्टॉइड्स, ट्राइसेप्स
किसके लिए बेस्ट: अपर चेस्ट की भरावट और डेफिनिशन; चेस्ट के ऊपरी हिस्से में "शेल्फ" जैसी दिखावट
पूरी गाइड: इनक्लाइन बेंच प्रेस: बेस्ट एंगल, मसल्स वर्क्ड और अपर चेस्ट गाइड
बेंच को 15–30° नीचे की ओर झुकाया जाता है। यह लोअर पेक्टोरैलिस मेजर (स्टर्नल हेड) को टारगेट करता है — चेस्ट का वह निचला हिस्सा जिस पर फ्लैट और इनक्लाइन प्रेसिंग ज़ोर नहीं देती।
काम करने वाली मसल्स: लोअर पेक्टोरैलिस मेजर (प्राथमिक), ट्राइसेप्स, फ्लैट/इनक्लाइन की तुलना में कम एंटीरियर डेल्टॉइड
किसके लिए बेस्ट: लोअर चेस्ट डेफिनिशन; कंधे के प्रति संवेदनशील लिफ्टर्स (फ्लैट या इनक्लाइन से कम डेल्टॉइड तनाव)
पूरी गाइड: डिक्लाइन बेंच प्रेस: मसल्स वर्क्ड, एंगल और लोअर चेस्ट गाइड
बेंच प्रेस का एक गाइडेड वर्शन जहाँ बारबेल एक निश्चित ऊर्ध्वाधर ट्रैक पर चलता है। यह स्टेबलाइज़र मसल की माँग को काफी कम कर देता है।
काम करने वाली मसल्स: पेक्टोरैलिस मेजर, ट्राइसेप्स, एंटीरियर डेल्टॉइड्स (स्टेबलाइज़र कम सक्रिय)
फायदे: प्रेसिंग मैकेनिक्स सीखने वाले शुरुआती लोगों के लिए अच्छा; अकेले सुरक्षित रूप से ट्रेनिंग के लिए उपयोगी
सीमाएँ: निश्चित बार पथ — प्राकृतिक मूवमेंट आर्क की अनुमति नहीं देता; कम स्टेबलाइज़र विकास
किसके लिए बेस्ट: शुरुआती लोग, चोट से रिहैब, बिना स्पॉटर के ट्रेनिंग
सेट/रेप्स: 3×10–12
क्लोज ग्रिप बेंच प्रेस जिम में उपलब्ध सबसे बेहतरीन ट्राइसेप एक्सरसाइज में से एक है और इसका अपना अलग सेक्शन बनता है। यह मानक फ्लैट प्रेस के बाद सबसे ज़्यादा सर्च की जाने वाली बेंच प्रेस वेरिएशन भी है (प्रति माह 9,300 सर्च)।
कैसे करें:
आम गलती: हाथ बहुत संकरे (एक-दूसरे को छूते हुए)। इससे कलाई पर अत्यधिक तनाव पड़ता है और लाभ बहुत कम मिलता है। कंधे की चौड़ाई पर्याप्त संकरी है।
| मसल | सक्रियता |
|---|---|
| ट्राइसेप्स ब्रैकाई | प्राथमिक — संकरी ग्रिप ट्राइसेप्स को अधिकांश लॉकआउट कार्य कराती है |
| पेक्टोरैलिस मेजर (मिड/इनर) | सेकंडरी — पूरे समय सक्रिय रहती है |
| एंटीरियर डेल्टॉइड्स | तृतीयक स्टेबलाइज़र |
यह ट्राइसेप्स के लिए इतनी प्रभावी क्यों है: संकरी ग्रिप मूवमेंट के नीचे चेस्ट को हावी होने से रोकती है। शुरू से अंत तक ट्राइसेप्स ही सीमित कारक रहता है।
सेट/रेप्स: ताकत के लिए 3–4×8–10; हाइपरट्रॉफी के लिए 3×12–15
कब इस्तेमाल करें: अपने मुख्य फ्लैट या इनक्लाइन वर्क के बाद सेकंडरी प्रेसिंग मूवमेंट के रूप में; बेंच प्रेस लॉकआउट स्ट्रेंथ सुधारने के लिए उत्कृष्ट
ग्रिप मानक से चौड़ी होती है — आमतौर पर कंधे की चौड़ाई से 2–2.5 गुना। यह आउटर चेस्ट पर ज़ोर देती है।
काम करने वाली मसल्स: आउटर पेक्टोरैलिस मेजर (अधिक क्षैतिज फाइबर खिंचाव), ट्राइसेप्स, एंटीरियर डेल्टॉइड्स
सीमाएँ: मानक या संकरी ग्रिप की तुलना में कंधे पर ज़्यादा तनाव; शोल्डर इम्पिंजमेंट का बढ़ा जोखिम
किसके लिए बेस्ट: आउटर चेस्ट उत्तेजना चाहने वाले अनुभवी लिफ्टर्स; कंधे की समस्या होने पर अनुशंसित नहीं
सेट/रेप्स: 3×10–12
बार को मानक ओवरहैंड ग्रिप के बजाय अंडरहैंड (सुपिनेटेड) ग्रिप से पकड़ा जाता है।
काम करने वाली मसल्स: अपर पेक्टोरैलिस मेजर, ट्राइसेप्स, इनक्लाइन की तुलना में कम एंटीरियर डेल्टॉइड
फायदे: इनक्लाइन की तुलना में कम कंधे के तनाव के साथ अपर चेस्ट को टारगेट कर सकता है; कुछ लोगों के लिए शोल्डर इम्पिंजमेंट कम करता है
चुनौती: अभ्यास की आवश्यकता; ग्रिप शुरू में अस्वाभाविक लगती है; भारी भार कम स्थिर महसूस होता है
किसके लिए बेस्ट: वे लिफ्टर्स जो अपर चेस्ट वर्क चाहते हैं लेकिन इनक्लाइन प्रेसिंग एंगल बर्दाश्त नहीं कर पाते
डम्बल (हथेलियाँ एक-दूसरे की ओर) या विशेष न्यूट्रल ग्रिप बारबेल के साथ किया जाता है।
काम करने वाली मसल्स: पेक्टोरैलिस मेजर, ट्राइसेप्स, एंटीरियर डेल्टॉइड्स
मुख्य फायदा: कंधे के लिए सबसे सुरक्षित प्रेसिंग वेरिएशन — न्यूट्रल ग्रिप कंधे के जोड़ पर घूर्णन तनाव को काफी कम करती है
किसके लिए बेस्ट: रोटेटर कफ चोट या एंटीरियर शोल्डर दर्द वाले लिफ्टर्स; लंबे समय के लिए कंधे के स्वास्थ्य का उत्कृष्ट विकल्प
सेट/रेप्स: 3–4×10–12
बार अंगूठे को लपेटे बिना हथेली में टिका रहता है।
काम करने वाली मसल्स: मानक बेंच प्रेस के समान
दावा किया गया फायदा: कुछ लिफ्टर्स बेहतर कलाई संरेखण और चेस्ट सक्रियता की रिपोर्ट करते हैं
जोखिम: बार हाथ से लुढ़क सकता है; बार फिसलने पर गंभीर चोट का जोखिम — बहुत अनुभवी स्पॉटर की आवश्यकता
निष्कर्ष: अधिकांश लिफ्टर्स के लिए अनुशंसित नहीं। मामूली लाभ इस जोखिम को उचित नहीं ठहराता।
इनक्लाइन प्रेस का डम्बल वर्शन — अतिरिक्त रेंज ऑफ मोशन के साथ अपर चेस्ट विकास के लिए उत्कृष्ट।
काम करने वाली मसल्स: अपर पेक्टोरैलिस मेजर, एंटीरियर डेल्टॉइड्स, ट्राइसेप्स, इनक्लाइन बारबेल से ज़्यादा स्टेबलाइज़र सक्रियता
मुख्य फायदा: बारबेल की तुलना में मूवमेंट के नीचे ज़्यादा खिंचाव; असंतुलन ठीक करता है
बेस्ट एंगल: अपर चेस्ट फोकस के लिए 30°
सेट/रेप्स: 3–4×10–12
पूरा एंगल विज्ञान: इनक्लाइन बेंच प्रेस गाइड
इनक्लाइन के अपर-चेस्ट टारगेटिंग एंगल को ट्राइसेप-केंद्रित संकरी ग्रिप के साथ जोड़ती है।
काम करने वाली मसल्स: ट्राइसेप्स (प्राथमिक), अपर पेक्टोरैलिस मेजर (सेकंडरी), एंटीरियर डेल्टॉइड्स
किसके लिए बेस्ट: ट्राइसेप और अपर चेस्ट दोनों को एक साथ बनाने वाले लिफ्टर्स; प्राथमिक इनक्लाइन वर्क के बाद जोड़ने के लिए अच्छा वेरिएशन
सेट/रेप्स: 3×8–12
डिक्लाइन प्रेस का डम्बल वर्शन — अतिरिक्त रेंज ऑफ मोशन के साथ लोअर चेस्ट फोकस।
काम करने वाली मसल्स: लोअर पेक्टोरैलिस मेजर, ट्राइसेप्स, न्यूनतम एंटीरियर डेल्टॉइड
मुख्य फायदा: ज़्यादा खिंचाव और स्वतंत्र हाथ मूवमेंट; लोअर चेस्ट असंतुलन ठीक करने के लिए अच्छा
चुनौती: डम्बल के साथ डिक्लाइन स्थिति में सुरक्षित रूप से सेटअप करने के लिए अभ्यास की आवश्यकता
सेट/रेप्स: 3×10–12
एक गाइडेड प्रेसिंग मशीन — या तो प्लेट-लोडेड या केबल-आधारित। मूवमेंट पथ निश्चित होता है।
काम करने वाली मसल्स: पेक्टोरैलिस मेजर, ट्राइसेप्स, एंटीरियर डेल्टॉइड्स (स्टेबलाइज़र कम सक्रिय)
किसके लिए बेस्ट: प्रेसिंग मैकेनिक्स सीखने वाले शुरुआती लोग; चोट से रिहैब; सुरक्षित रूप से पूर्ण मसल फेलियर तक ट्रेनिंग
सीमा: कम स्टेबलाइज़र सक्रियता; फ्री वेट जैसा तालमेल नहीं बनाती
सेट/रेप्स: 3–4×10–15
एक प्लेट-लोडेड मशीन जो गाइडेड आर्म मूवमेंट के साथ बेंच प्रेस के प्राकृतिक आर्क की नकल करती है।
काम करने वाली मसल्स: पेक्टोरैलिस मेजर, ट्राइसेप्स, एंटीरियर डेल्टॉइड्स
मानक मशीन पर बढ़त: आर्म मूवमेंट ज़्यादा प्राकृतिक है; कुछ स्वतंत्र हाथ मूवमेंट की अनुमति है
किसके लिए बेस्ट: इसे एक्सेसरी के रूप में इस्तेमाल करने वाले बॉडीबिल्डर; सुरक्षित रूप से फेलियर तक ट्रेनिंग करने वाले इंटरमीडिएट लिफ्टर्स
एक फ्लैट बेंच पर लेटकर, दोनों हैंडल से जुड़े केबल के साथ, चेस्ट से एक्सटेंशन तक प्रेस करते हुए किया जाता है।
काम करने वाली मसल्स: पेक्टोरैलिस मेजर, ट्राइसेप्स, एंटीरियर डेल्टॉइड्स
मुख्य फायदा: पूरी रेंज ऑफ मोशन में लगातार तनाव (constant tension) — प्रतिरोध ऊपर की ओर कम नहीं होता जैसा बारबेल/डम्बल के साथ होता है
किसके लिए बेस्ट: हाइपरट्रॉफी-केंद्रित ट्रेनिंग; भारी कंपाउंड वर्क के बाद चेस्ट के लिए फिनिशिंग एक्सरसाइज
सेट/रेप्स: 3×12–15
बेंच के बजाय फर्श पर लेटकर, बारबेल या डम्बल को फर्श से प्रेस करते हुए किया जाता है।
काम करने वाली मसल्स: ट्राइसेप्स (भारी रूप से), अपर पेक्टोरैलिस मेजर, एंटीरियर डेल्टॉइड्स
मुख्य विशेषता: फर्श रेंज ऑफ मोशन को सीमित करता है — ऊपरी बाहें पूर्ण खिंचाव से पहले फर्श को छूती हैं; मूवमेंट का निचला हिस्सा हट जाता है
फायदे: कंधे के रिहैबिलिटेशन के लिए उत्कृष्ट (कोई गहरा खिंचाव नहीं); बेहतरीन ट्राइसेप डेवलपर; बेंच की ज़रूरत नहीं
किसके लिए बेस्ट: कंधे की चोट वाले लिफ्टर्स, लॉकआउट स्ट्रेंथ बनाने वाले पावरलिफ्टर्स, होम जिम ट्रेनिंग
सेट/रेप्स: ताकत के लिए 3–4×6–10
| फ्लोर प्रेस | बेंच प्रेस | |
|---|---|---|
| रेंज ऑफ मोशन | कम (बाहें फर्श को छूती हैं) | पूर्ण |
| कंधे का तनाव | कम — कोई गहरा खिंचाव नहीं | मध्यम से अधिक |
| ट्राइसेप ज़ोर | अधिक | कम |
| चेस्ट खिंचाव | न्यूनतम | पूर्ण |
| इक्विपमेंट | न्यूनतम (सिर्फ फर्श + बारबेल) | बेंच आवश्यक |
| किसके लिए बेस्ट | कंधे का रिहैब, ट्राइसेप ताकत | समग्र चेस्ट मास |
बॉडीवेट बेंच प्रेस का विकल्प — बिना किसी इक्विपमेंट के समान मसल्स को ट्रेन करता है।
काम करने वाली मसल्स: पेक्टोरैलिस मेजर, ट्राइसेप्स, एंटीरियर डेल्टॉइड्स, कोर
फायदा: शून्य इक्विपमेंट; कहीं भी किया जा सकता है; प्रोग्रेशन के साथ स्केलेबल
सीमा: प्रोग्रेशन (वेटेड वेस्ट, आर्चर पुश-अप्स) के बिना भार बॉडीवेट से अधिक नहीं हो सकता
किसके लिए बेस्ट: शुरुआती लोग, यात्रा, वार्म-अप, हाई-रेप फिनिशर सेट
बेंच प्रेस की ओर पुश-अप प्रोग्रेशन:
एक बेंच प्रेस वेरिएशन जिसमें आप बार को छाती से छुआने के बजाय छाती से 2–5 सेमी ऊपर रोकते हैं। पावरलिफ्टर एरिक स्पोटो के नाम पर।
काम करने वाली मसल्स: पेक्टोरैलिस मेजर, ट्राइसेप्स, एंटीरियर डेल्टॉइड्स
उद्देश्य: टाइम अंडर टेंशन बढ़ाता है; नीचे स्ट्रेच रिफ्लेक्स को खत्म करता है; छाती से दूर ताकत बनाता है (जहाँ अधिकांश लिफ्टर्स सबसे कमज़ोर होते हैं)
किसके लिए बेस्ट: कमज़ोर बिंदुओं पर काम करने वाले पावरलिफ्टर्स; कोई भी लिफ्टर जिसकी बेंच प्रेस नीचे अटक जाती है
सेट/रेप्स: 3–4×4–6 (अपने सामान्य टच-एंड-गो वज़न का ~80–90% इस्तेमाल करें)
बार को छाती तक नीचे लाया जाता है और प्रेस करने से पहले 1–3 सेकंड के लिए रोका जाता है।
काम करने वाली मसल्स: पेक्टोरैलिस मेजर, ट्राइसेप्स, एंटीरियर डेल्टॉइड्स
उद्देश्य: गति (momentum) खत्म करता है; शुरुआती ताकत बनाता है; तकनीक सुधारता है
किसके लिए बेस्ट: पावरलिफ्टर्स, कोई भी जो बेंच प्रेस फॉर्म सुधारना चाहता है
सेट/रेप्स: 1RM के ~70–85% के साथ 3–5×3–5
एक डम्बल वेरिएशन जिसमें हर हाथ बारी-बारी से प्रेस करता है जबकि दूसरा डम्बल को छाती पर रोके रखता है।
काम करने वाली मसल्स: पेक्टोरैलिस मेजर, ट्राइसेप्स, एंटीरियर डेल्टॉइड्स, कोर (एंटी-रोटेशन)
उद्देश्य: कोर और एंटी-रोटेशन की माँग बढ़ाता है; द्विपक्षीय (bilateral) सेटअप बनाए रखते हुए एकपक्षीय (unilateral) फोकस
किसके लिए बेस्ट: कोर इंटीग्रेशन चाहने वाले एथलीट; असंतुलन ठीक करना
सेट/रेप्स: प्रत्येक तरफ 3×8–10
हर हाथ पूरी तरह स्वतंत्र रूप से काम करता है (मशीन की अलग-अलग भुजाओं पर या डम्बल के साथ), जिससे पूर्ण एकपक्षीय फोकस मिलता है।
काम करने वाली मसल्स: पेक्टोरैलिस मेजर, ट्राइसेप्स, एंटीरियर डेल्टॉइड्स (हर तरफ स्वतंत्र रूप से)
उद्देश्य: बाएँ-दाएँ की ताकत के असंतुलन को ठीक करता है; बढ़ी हुई स्टेबलाइज़र माँग
किसके लिए बेस्ट: दृश्य या मापने योग्य ताकत विषमता वाले लिफ्टर्स
डम्बल या बारबेल के बजाय केटलबेल के साथ किया जाता है।
काम करने वाली मसल्स: पेक्टोरैलिस मेजर, ट्राइसेप्स, एंटीरियर डेल्टॉइड्स, ज़्यादा फोरआर्म और ग्रिप सक्रियता
मुख्य विशेषता: केटलबेल का द्रव्यमान केंद्र हैंडल से हटा होता है, जिससे घूर्णन अस्थिरता पैदा होती है; ज़्यादा ग्रिप और कलाई नियंत्रण की आवश्यकता
किसके लिए बेस्ट: विविधता जोड़ना; चेस्ट प्रेसिंग के साथ-साथ कलाई और ग्रिप की ताकत विकसित करना
सेट/रेप्स: 3×10–12
| # | वेरिएशन | प्राथमिक टारगेट | इक्विपमेंट | स्तर |
|---|---|---|---|---|
| 1 | फ्लैट बारबेल बेंच प्रेस | मिड चेस्ट | बारबेल + बेंच | सभी |
| 2 | फ्लैट डम्बल बेंच प्रेस | मिड चेस्ट | डम्बल + बेंच | सभी |
| 3 | इनक्लाइन बेंच प्रेस | अपर चेस्ट | बारबेल + इनक्लाइन बेंच | इंटरमीडिएट |
| 4 | डिक्लाइन बेंच प्रेस | लोअर चेस्ट | बारबेल + डिक्लाइन बेंच | इंटरमीडिएट |
| 5 | स्मिथ मशीन बेंच प्रेस | चेस्ट + ट्राइसेप्स | स्मिथ मशीन | बिगिनर |
| 6 | क्लोज ग्रिप बेंच प्रेस | ट्राइसेप्स | बारबेल + फ्लैट बेंच | इंटरमीडिएट |
| 7 | वाइड ग्रिप बेंच प्रेस | आउटर चेस्ट | बारबेल + बेंच | एडवांस्ड |
| 8 | रिवर्स ग्रिप बेंच प्रेस | अपर चेस्ट | बारबेल + बेंच | एडवांस्ड |
| 9 | न्यूट्रल ग्रिप प्रेस | चेस्ट + ट्राइसेप्स | डम्बल | सभी |
| 10 | सुसाइड ग्रिप | मिड चेस्ट | बारबेल | अनुशंसित नहीं |
| 11 | इनक्लाइन डम्बल प्रेस | अपर चेस्ट | डम्बल + इनक्लाइन | सभी |
| 12 | इनक्लाइन क्लोज ग्रिप | ट्राइसेप्स + अपर चेस्ट | बारबेल + इनक्लाइन | इंटरमीडिएट |
| 13 | डिक्लाइन डम्बल प्रेस | लोअर चेस्ट | डम्बल + डिक्लाइन | इंटरमीडिएट |
| 14 | चेस्ट प्रेस मशीन | मिड चेस्ट | मशीन | बिगिनर |
| 15 | हैमर स्ट्रेंथ प्रेस | मिड चेस्ट | प्लेट मशीन | इंटरमीडिएट |
| 16 | केबल बेंच प्रेस | मिड चेस्ट | केबल + बेंच | इंटरमीडिएट |
| 17 | फ्लोर प्रेस | ट्राइसेप्स + अपर चेस्ट | बारबेल या डम्बल | सभी |
| 18 | पुश-अप्स | चेस्ट + ट्राइसेप्स | बॉडीवेट | सभी |
| 19 | स्पोटो प्रेस | चेस्ट (नीचे की ताकत) | बारबेल + बेंच | एडवांस्ड |
| 20 | पॉज़्ड बेंच प्रेस | चेस्ट + ट्राइसेप्स | बारबेल + बेंच | इंटरमीडिएट |
| 21 | गोरिल्ला प्रेस | चेस्ट + कोर | डम्बल + बेंच | इंटरमीडिएट |
| 22 | आइसो लेटरल प्रेस | चेस्ट (एकपक्षीय) | मशीन या डम्बल | इंटरमीडिएट |
| 23 | केटलबेल बेंच प्रेस | चेस्ट + ग्रिप | केटलबेल + बेंच | इंटरमीडिएट |
एक अच्छी तरह से डिज़ाइन किया गया चेस्ट प्रोग्राम कई एंगल्स पर पेक्टोरैलिस मेजर के तीनों ज़ोन और ट्राइसेप्स को ट्रेन करता है:
| क्रम | एक्सरसाइज | सेट | रेप्स | फोकस |
|---|---|---|---|---|
| 1 | फ्लैट बारबेल बेंच प्रेस | 4 | 5–8 | समग्र ताकत |
| 2 | इनक्लाइन डम्बल प्रेस (30°) | 3 | 10–12 | अपर चेस्ट |
| 3 | डिक्लाइन बेंच प्रेस | 3 | 10–12 | लोअर चेस्ट |
| 4 | क्लोज ग्रिप बेंच प्रेस | 3 | 8–10 | ट्राइसेप्स |
| 5 | केबल फ्लाई या चेस्ट डिप्स | 3 | 12–15 | आइसोलेशन / खिंचाव |
यह प्रोग्राम पेक्टोरैलिस मेजर के सभी क्षेत्रों, ट्राइसेप्स को कवर करता है, और इसमें ताकत और हाइपरट्रॉफी दोनों रेप रेंज शामिल हैं।
कौन सी बेंच प्रेस वेरिएशन कुल मिलाकर सबसे ज़्यादा चेस्ट मसल बनाती है? फ्लैट बारबेल बेंच प्रेस, जब पूर्ण रेंज ऑफ मोशन और प्रोग्रेसिव ओवरलोड के साथ की जाती है, सबसे ज़्यादा समग्र चेस्ट मास बनाती है। पूर्ण विकास के लिए इसे इनक्लाइन (अपर चेस्ट) और डिक्लाइन (लोअर चेस्ट) के साथ पूरक करें।
क्या क्लोज ग्रिप बेंच प्रेस शुरुआती लोगों के लिए अच्छी है? हाँ — शुरुआती लोग मानक फ्लैट बेंच फॉर्म में महारत हासिल करने के बाद क्लोज ग्रिप बेंच प्रेस कर सकते हैं। यह उपलब्ध सबसे बेहतरीन ट्राइसेप एक्सरसाइज में से एक है और कंधे की चौड़ाई पर पूर्ण अंगूठा-लपेट ग्रिप के साथ करने पर सुरक्षित है।
कौन सी बेंच प्रेस वेरिएशन कंधों के लिए सबसे आसान है? न्यूट्रल ग्रिप डम्बल प्रेस, फ्लोर प्रेस और मशीन चेस्ट प्रेस कंधे के जोड़ पर सबसे कम तनाव डालते हैं। एंटीरियर शोल्डर की तकलीफ़ वाले लिफ्टर्स के लिए ये अच्छे विकल्प हैं।
मुझे प्रति सेशन कितनी बेंच प्रेस वेरिएशन करनी चाहिए? इंटरमीडिएट लिफ्टर्स के लिए प्रति चेस्ट सेशन 2–3 वेरिएशन सामान्य हैं। एक प्राथमिक (बारबेल फ्लैट या इनक्लाइन), एक सेकंडरी (डम्बल या अलग एंगल), और एक एक्सेसरी (केबल, क्लोज ग्रिप, या मशीन)।
कौन सी वेरिएशन सबसे ज़्यादा कैलोरी बर्न करती है? भारी वज़न पर फ्लैट बारबेल बेंच प्रेस सबसे ज़्यादा कैलोरी बर्न करती है क्योंकि यह सबसे ज़्यादा कुल भार की अनुमति देती है और सबसे बड़े मसल समूहों को सक्रिय करती है। शरीर के वज़न के हिसाब से विशिष्ट संख्याओं के लिए बेंच प्रेस कैलोरी गाइड देखें।
Hint app का Pro Workouts फीचर 300 से ज़्यादा एक्सरसाइज को सपोर्ट करता है, जिसमें सभी प्रमुख बेंच प्रेस वेरिएशन शामिल हैं। Hint Pro और Hint Premium के साथ उपलब्ध, यह आपके सेट, रेप्स, वज़न प्रगति और कैलोरी बर्न को व्यक्तिगत पोषण योजनाओं के साथ ट्रैक करता है — ताकि हर प्रेसिंग सेशन आपको आपके लक्ष्य की ओर ले जाए।
डॉ. कृष्णा अथमाकुरी Clearcals के सह-संस्थापक और CEO हैं, जहाँ वे Hint app के माध्यम से डेटा-संचालित स्वास्थ्य तकनीक के विकास का नेतृत्व करते हैं। रेंससेलर पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट, न्यूयॉर्क से केमिकल इंजीनियरिंग में Ph.D. के साथ, उनकी विशेषज्ञता एनालिटिक्स, प्रोटीन रसायन विज्ञान और मेटाबॉलिक विज्ञान तक फैली है। अपने करियर की शुरुआत में, उन्होंने Aurobindo Pharma और Dr. Reddy's Laboratories जैसी कंपनियों में मधुमेह और मेटाबॉलिक रोगों के लिए बायोथेराप्यूटिक्स विकसित किए। Clearcals में, वे उसी वैज्ञानिक कठोरता को व्यक्तिगत फिटनेस टूल बनाने में लागू करते हैं, जिसमें Hint Pro Workouts, पोषण ट्रैकिंग और रियल-टाइम स्वास्थ्य अंतर्दृष्टि शामिल हैं।
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