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लेखक: अस्फिया फातिमा, चीफ़ डाइटीशियन, Clearcals
प्लान की सदस्यता कैसे लें? (how to subscribe plan?)

भारतीय महिलाओं के लिए पी.सी.ओ.एस. का सही डाइट प्लान ढूँढना काफ़ी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
आपको इतने सारे प्लान मिलेंगे कि इनमें से कौन-सा सही है और कौन-सा नहीं, यह समझना मुश्किल हो जाता है।
अगर आप अपने लिए एक ऐसा निजीकृत पी.सी.ओ.एस. (PCOS) डाइट प्लान (Diet Plan) चाहते हैं जो आसान और प्रभावी दोनों हो, तो आप सही जगह आए हैं।
यहाँ आपको हमारे विशेषज्ञों द्वारा पूरी रिसर्च के साथ बनाए गए डाइट प्लान की पूरी जानकारी मिलेगी।
यह एक संतुलित डाइट प्लान है, जिसमें साबुत अनाज, लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स (low glycemic index) वाले आहार और आसानी से पालन की जा सकने वाली सीड साइक्लिंग (seed cycling) पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह आपके खाने की पसंद, उम्र, वज़न, कद और शारीरिक गतिविधि के स्तर के अनुसार निजीकृत (personalized) डाइट के रूप में बनाई जाती है।
हिंट ऐप (Hint app) से आपको कुछ ही मिनटों में आपका निजीकृत पी.सी.ओ.एस. डाइट प्लान (personalized PCOS diet plan) मिल जाएगा। इसके लिए आपको सिर्फ़ हिंट ऐप को डाउनलोड (download) करके अपने प्लान को सब्सक्राइब (subscribe) करना है।
इस डाइट प्लान का आपको कम से कम तीन महीने तक सही से पालन करना होगा, ताकि पी.सी.ओ.एस. (PCOS) से जुड़े आपके लक्षण कम हो सकें।
यह एक मासिक सदस्यता वाला प्लान है। इसका आप हर महीने, हर तिमाही या साल में एक बार नवीकरण (renew) करा सकते हैं।
आपकी आहार वरीयताओं (डाइट प्रेफ़रेंस) को ध्यान में रखते हुए, हमारे पास पी.सी.ओ.एस. डाइट प्लान 3 अलग प्रकार में उपलब्ध है, जैसे कि-
यह शाकाहारी डाइट प्लान है जिसमें प्लांट बेस्ड (plant based) खाना और डेयरी उत्पाद (dairy products) शामिल हैं।
इस प्लान में मांसाहारी खाना शामिल है जैसे कि मीट, मछली, समुद्री भोजन और अन्य पशु उत्पाद।
इस प्लान में शाकाहारी खाने की चीज़ों के साथ अंडे से बने व्यंजन शामिल हैं। इसमें मीट, मछली या अन्य पशु उत्पाद नहीं होते।

ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है जिसके अनुसार ऐसी खाने की चीज़ों का परहेज़ रखना ज़रूरी हो। यह सब आप संयम (moderation) में ले सकते हैं।
नहीं। इस डाइट को करने के लिए कुछ अलग खाना लाने की ज़रूरत नहीं है। इस डाइट प्लान (diet plan) में भी दूसरी डाइट की तरह संतुलन में सारी सब्ज़ियाँ, फल, साबुत अनाज, प्रोटीन, लीन मीट और हेल्दी फैट लें।
प्लान में बताए गए वर्कआउट का पालन करें। पी.सी.ओ.एस. में एक दिन में कम से कम 30 मिनट संतुलित व्यायाम, हफ़्ते में 5 दिन करें।
पी.सी.ओ.एस. का यह डाइट प्लान वज़न कम करने में मदद करेगा। हफ़्ते में एक बार अपना वज़न ज़रूर नापें। 5% से 10% तक वज़न कम करते ही आपका मासिक धर्म (Periods) समय पर होने लगेगा।
ऐसी खाने की चीज़ें जिनमें विटामिन डी (vitamin D), विटामिन बी (B vitamins), आयोडीन (Iodine), सेलेनियम (selenium) और मैग्नीशियम (magnesium) हो, वे लें, जिससे आपके इंसुलिन (insulin) की मात्रा संतुलित रहे और पी.सी.ओ.एस. से जुड़े लक्षण कम हों।
पॉली सिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम एक बहुत ही आम हेल्थ इशू (health issue) है। इसमें महिला सेक्स हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं। यह प्रजनन आयु (reproductive age) की 10 में से 1 महिला को प्रभावित करता है।

पी.सी.ओ.एस. होने का कोई सटीक कारण नहीं है, परंतु इसके लक्षण इंसुलिन प्रतिरोध (Insulin resistance) की वजह से होते हैं। आनुवंशिकता (Genetics) और सूजन एवं जलन की वजह से पुरुष हार्मोन बढ़ने की संभावना होती है, जिसकी वजह से पी.सी.ओ.एस. हो सकता है।
इंसुलिन प्रतिरोध तब होता है जब आपकी कोशिकाएँ इस हार्मोन का अच्छी तरह से जवाब नहीं दे पातीं। इससे आपके शरीर के रक्त में ग्लूकोज़ (glucose) की मात्रा ज़्यादा हो जाती है।
अगर आपकी माँ या बहन को पी.सी.ओ.एस. है, तो आपको यह होने की संभावना बढ़ जाती है। यह तब भी हो सकता है अगर आप अधिक मोटे हों या फिर आपमें इंसुलिन प्रतिरोध हो।

इसमें सबसे आम लक्षण मासिक धर्म (periods) समय पर न होना और बांझपन (infertility) हो सकता है। इसके साथ कई अन्य लक्षण जैसे कि चेहरे, पेट या छाती पर ज़्यादा बाल होना, सिर के बालों का टूटना और पतला होना, चेहरे पर दाने और मुहाँसे होना, थकान महसूस करना, कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना, थायरॉइड की समस्या, वज़न बढ़ना और डिप्रेशन हो सकते हैं।
इसकी वजह से हमारे चेहरे पर दाने या मुहाँसे हो सकते हैं, और गर्दन के पीछे या बग़ल (Underarm) में काले-गहरे धब्बे हो सकते हैं।
जिन महिलाओं को पी.सी.ओ.एस. होता है, उन्हें कुछ गंभीर बीमारियाँ जैसे कि टाइप 2 डायबिटीज़, उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure), हृदय रोग और कैंसर होने की संभावना रहती है।
पी.सी.ओ.डी. में महिला की ओवरी में अपरिपक्व अंडे (immature eggs) होते हैं। पी.सी.ओ.एस. एक मेटाबॉलिक बीमारी है और यह पी.सी.ओ.डी. से ज़्यादा गंभीर होती है। इसमें महिला की ओवरी ज़्यादा मात्रा में पुरुष हार्मोन बनाती है, जिसकी वजह से ओवरी में हर महीने 10 से ज़्यादा फ़ॉलिक्युलर सिस्ट बनती हैं।
पी.सी.ओ.एस. का अभी कोई इलाज नहीं है, परंतु इसके लक्षणों को खान-पान और जीवनशैली में सुधार करके कम किया जा सकता है। इसके लिए रोज़ व्यायाम करना चाहिए और धूम्रपान नहीं करना चाहिए।
देखा गया है कि 5% वज़न कम करने से पी.सी.ओ.एस. के मरीज़ों की इंसुलिन की मात्रा कम हो जाती है, जिससे मासिक धर्म समय पर होता है, शरीर पर हो रहे ज़्यादा बाल कम होने लगते हैं और चेहरे से मुहाँसे कम होते हैं।
एंटी म्यूलेरियन हार्मोन की सामान्य मात्रा >1.0 ng/mL से < 3.5 ng/mL होती है।
पी.सी.ओ.एस. के दौरान, ए.एम.एच. की मात्रा ≥ 4.45 ng/mL होती है।
पी.सी.ओ.एस. की जाँच के लिए सीरम टेस्टोस्टेरोन, प्रोलैक्टिन, 17-OH प्रोजेस्टेरोन, 17-हाइड्रॉक्सीप्रोजेस्टेरोन (17 OHP), एल.एच. (LH), एफ.एस.एच. (FSH), एस्ट्राडियोल, डिहाइड्रोएपिएंड्रोस्टेरोन सल्फ़ेट (डी.एच.ई.ए.एस./DHEAS) और टी.एस.एच. (TSH) कराने चाहिए।
हाँ। पी.सी.ओ.एस. होने का यह मतलब नहीं है कि वह महिला गर्भवती नहीं हो सकती।
पी.सी.ओ.एस. होने की वजह से गर्भपात (miscarriage) होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके साथ जेस्टेशनल डायबिटीज़ या सिजेरियन (cesarean) की संभावना भी हो सकती है।
ऐसे फल जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज़्यादा होता है, जैसे कि तरबूज़, अनानास और केला।
डाइट प्लान में दिए गए सभी फल लाभकारी होते हैं।
हाँ। इसमें भारी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो हार्मोन को संतुलन में लाने में मदद करते हैं और पाचन को भी ठीक करते हैं।
हाँ। ग्रीन टी पीने से इंसुलिन प्रतिरोध कम होता है, एंड्रोजन की मात्रा कम होती है, ओवरी में बनी सिस्ट कम होती हैं, वज़न कम करने में मदद मिलती है और जलन व सूजन कम होती है। ग्रीन टी वही लेनी चाहिए जिसमें कैफ़ीन न हो।
हाँ। एप्पल साइडर विनेगर से शरीर के रक्त की शुगर कम होती है, पी.सी.ओ.एस. से जुड़े लक्षण कम होते हैं और वज़न भी कम होता है।
नहीं। अगर आपको पी.सी.ओ.एस. है तो यह ज़रूरी है कि आप हर थोड़ी देर में कुछ न कुछ खाते रहें। इससे आपकी रक्त शुगर संतुलन में रहेगी। बिना किसी एक्सपर्ट की सलाह के की गई इंटरमिटेंट फ़ास्टिंग से आपकी शुगर बढ़ने और इंसुलिन प्रतिरोध होने की संभावना हो सकती है।
पी.सी.ओ.एस. डाइट प्लान में बताई गई सभी सब्ज़ियाँ अच्छी होती हैं।
रागी, ज्वार, बाजरा - ये सभी पी.सी.ओ.एस. में महिलाओं के हार्मोन को संतुलन में रखने में मदद करते हैं। ऐसे ही मिलेट्स इस पी.सी.ओ.एस. डाइट प्लान में भी दिए गए हैं।
पी.सी.ओ.एस. में ओवरीज़ में अपरिपक्व अंडे होते हैं और हार्मोन भी असंतुलित होते हैं। इसकी वजह से दर्द, ऐंठन और पेट फूलने की शिकायत हो सकती है।
काफ़ी महिलाओं में रजोनिवृत्ति के समय उनका मासिक धर्म (Periods) समय पर होने लगता है, पर यह हर बार ज़रूरी नहीं है। उनके बाकी पी.सी.ओ.एस. के लक्षण भले ही कम हो जाते हैं, पर वे बने रहते हैं।
हाँ। अलसी के बीज एंड्रोजन की मात्रा कम करते हैं। अलसी के बीज से अच्छी मात्रा में आयरन, फ़ाइबर, पोटैशियम, प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन बी6, फ़ोलेट, फ़ॉस्फ़ोरस, मैग्नीशियम, ज़िंक, कॉपर और सेलेनियम मिलता है।
हाँ। सौंफ में फ़ाइटोएस्ट्रोजन होता है, जिससे पी.सी.ओ.एस. के लक्षण कम होते हैं। सौंफ से अच्छी मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और ज़िंक मिलता है। इसके साथ यह पाचन प्रक्रिया भी ठीक करती है।
हाँ। कद्दू के बीज से फ़ोलेट, मूफ़ा (MUFA), पूफ़ा (PUFA), फ़ाइबर, पोटैशियम, नियासिन, ज़िंक और कॉपर मिलता है, जिसकी वजह से ये एस्ट्रोजन की मात्रा में सुधार लाते हैं।
हाँ। जीरा पानी से हार्मोन संतुलन में रहते हैं, पी.सी.ओ.एस. से जुड़े लक्षण कम होते हैं और मासिक धर्म समय पर आता है। इसके साथ जीरा पानी पीने से वज़न भी कम होता है।
हाँ। जिन महिलाओं को पी.सी.ओ.एस. होता है, उन्हें इंसुलिन प्रतिरोध होता है। इसलिए उन्हें ऐसी डाइट लेनी चाहिए जिसमें फ़ाइबर ज़्यादा हो और अनाज कम हो। पोहा नाश्ते के लिए एक अच्छा विकल्प है।
हाँ। किनोआ में भारी मात्रा में प्रोटीन होता है और इसमें अनाज की मात्रा कम होती है, जिसकी वजह से यह खाने का एक अच्छा विकल्प है। किनोआ से आयरन, मैग्नीशियम, कॉपर, थायमिन, विटामिन बी6 और विटामिन ई मिलता है।
नहीं। 1 बड़ी चम्मच (15gm) शहद से 50 कैलोरी (50 kcal) मिलती है। पी.सी.ओ.एस. में शहद नहीं लेना चाहिए।
नहीं। इसमें अधिक मात्रा में सैचुरेटेड फैट, सोडियम और अन्य प्रिज़र्वेटिव होते हैं जो सेहत के लिए हानिकारक होते हैं।
हाँ। कुछ व्यायाम जैसे कि चलना, हल्का दौड़ना, साइकिल चलाना और तैरना पी.सी.ओ.एस. में किए जा सकते हैं।
अस्फिया फातिमा Clearcals में मुख्य डाइटीशियन हैं। उनके पास डाइटेटिक्स और क्लिनिकल न्यूट्रिशन में मास्टर डिग्री है और उन्हें क्लिनिकल न्यूट्रिशन और लाइफस्टाइल मैनेजमेंट में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है।
वह वजन घटाने, डायबिटीज़ और मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए साक्ष्य-आधारित डाइट प्लानिंग में विशेषज्ञ हैं।
Clearcals में, वह Hint ऐप के पीछे पोषण रणनीति का नेतृत्व करती हैं, जिससे उपयोगकर्ता वैज्ञानिक रूप से समर्थित मार्गदर्शन के साथ अपने स्वास्थ्य लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें।
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