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पी.सी.ओ.एस. में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं (PCOS Diet Chart in Hindi)

July 2, 2026
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पी.सी.ओ.एस. में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं (PCOS Diet Chart in Hindi)

लेखक: अस्फिया फातिमा, चीफ़ डाइटीशियन, Clearcals

सारांश

  • पी.सी.ओ.एस. (PCOS) का पूरा नाम पॉली सिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (Poly Cystic Ovary Syndrome) है।
  • हमारी हिंट ऐप (Hint app) पी.सी.ओ.एस. को प्रबंधित करने में आपकी मदद करती है।
  • इस पी.सी.ओ.एस. डाइट प्लान (PCOS Diet Plan) से आपका मासिक धर्म सही समय पर और नियमित होता है, इंसुलिन प्रतिरोध (insulin resistance) कम होता है, और वज़न कम करने में भी मदद मिलती है।
  • इससे आपको यह जानने को मिलता है कि इस डाइट (PCOS diet) में आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं, जिससे आप अपनी स्थिति में सुधार ला सकें।
  • इस आर्टिकल में आपको पी.सी.ओ.एस. से जुड़े ज़्यादातर पूछे जाने वाले सवालों के जवाब भी मिलते हैं।

प्लान की सदस्यता कैसे लें? (how to subscribe plan?)

  • हिंट ऐप को डाउनलोड (download) करें।
  • हिंट स्टोर (hint store) पर जाकर वहाँ पी.सी.ओ.डी. प्लान देखें।
  • बाय नाउ बटन (buy now button) दबाएँ, कितने समय का प्लान लेना है वह चुनें (duration of plan), और अपना प्लान शुरू करें।

संक्षिप्त विवरण (PCOS Meaning in Hindi)

PCOS kya hai. PCOS meaning in hindi. पी सी ओ एस क्या है

संक्षिप्त विवरण

भारतीय महिलाओं के लिए पी.सी.ओ.एस. का सही डाइट प्लान ढूँढना काफ़ी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

आपको इतने सारे प्लान मिलेंगे कि इनमें से कौन-सा सही है और कौन-सा नहीं, यह समझना मुश्किल हो जाता है।

अगर आप अपने लिए एक ऐसा निजीकृत पी.सी.ओ.एस. (PCOS) डाइट प्लान (Diet Plan) चाहते हैं जो आसान और प्रभावी दोनों हो, तो आप सही जगह आए हैं।

यहाँ आपको हमारे विशेषज्ञों द्वारा पूरी रिसर्च के साथ बनाए गए डाइट प्लान की पूरी जानकारी मिलेगी।

यह एक संतुलित डाइट प्लान है, जिसमें साबुत अनाज, लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स (low glycemic index) वाले आहार और आसानी से पालन की जा सकने वाली सीड साइक्लिंग (seed cycling) पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह आपके खाने की पसंद, उम्र, वज़न, कद और शारीरिक गतिविधि के स्तर के अनुसार निजीकृत (personalized) डाइट के रूप में बनाई जाती है।

हिंट ऐप (Hint app) से आपको कुछ ही मिनटों में आपका निजीकृत पी.सी.ओ.एस. डाइट प्लान (personalized PCOS diet plan) मिल जाएगा। इसके लिए आपको सिर्फ़ हिंट ऐप को डाउनलोड (download) करके अपने प्लान को सब्सक्राइब (subscribe) करना है।

इस डाइट प्लान का आपको कम से कम तीन महीने तक सही से पालन करना होगा, ताकि पी.सी.ओ.एस. (PCOS) से जुड़े आपके लक्षण कम हो सकें।

प्रमुख लाभ (Key Benefits)

  1. मासिक धर्म को नियंत्रण में लाने में मदद करता है।
  2. इंसुलिन प्रतिरोध को कम करता है।
  3. वज़न कम करने में मदद करता है।
  4. लंबे समय तक इसका पालन करने से हार्मोनल दवाइयों पर निर्भरता कम हो जाती है।

प्लान का प्रकार (Plan Type)

यह एक मासिक सदस्यता वाला प्लान है। इसका आप हर महीने, हर तिमाही या साल में एक बार नवीकरण (renew) करा सकते हैं।

डाइट के प्रकार (Diet Type)

आपकी आहार वरीयताओं (डाइट प्रेफ़रेंस) को ध्यान में रखते हुए, हमारे पास पी.सी.ओ.एस. डाइट प्लान 3 अलग प्रकार में उपलब्ध है, जैसे कि-

1. पी.सी.ओ.एस. का भारतीय शाकाहारी डाइट प्लान (PCOS Indian Vegetarian Diet Plan)

यह शाकाहारी डाइट प्लान है जिसमें प्लांट बेस्ड (plant based) खाना और डेयरी उत्पाद (dairy products) शामिल हैं।

2. पी.सी.ओ.एस. का मांसाहारी डाइट प्लान (PCOS Indian Non Vegetarian Diet Plan)

इस प्लान में मांसाहारी खाना शामिल है जैसे कि मीट, मछली, समुद्री भोजन और अन्य पशु उत्पाद।

3. पी.सी.ओ.एस. का भारतीय ओवो वेजिटेरियन डाइट प्लान (PCOS Indian Ovo Vegetarian Diet Plan)

इस प्लान में शाकाहारी खाने की चीज़ों के साथ अंडे से बने व्यंजन शामिल हैं। इसमें मीट, मछली या अन्य पशु उत्पाद नहीं होते।

करने योग्य नियम (Do’s)

  1. डाइट प्लान में बताए गए सीड साइक्लिंग (seed cycling) तरीके को अपनाएँ। सीड साइक्लिंग एक नैचुरोपैथिक इलाज है जो एस्ट्रोजन (estrogen) और प्रोजेस्टेरोन (progesterone) को संतुलन में लाता है।
  2. सीड साइक्लिंग में, पहले दो हफ़्ते अलसी के बीज (flax seeds) और कद्दू के बीज (pumpkin seeds) खाने होते हैं, और अगले दो हफ़्ते सूरजमुखी के बीज (sunflower seeds) और तिल (sesame seeds) खाने होते हैं।
  3. अपने दिन की शुरुआत पिसे हुए बीजों से करनी चाहिए। इनसे मिलने वाले मैग्नीशियम (magnesium) से मासिक धर्म समय पर होता है।
  4. रोज़ सुबह व्यायाम करना चाहिए।
  5. व्यायाम करने से 15 मिनट पहले प्री-वर्कआउट मील (pre-workout meal) लेना चाहिए।
  6. व्यायाम करने के 30 मिनट बाद नाश्ता कर लेना चाहिए, इससे शरीर को ताक़त मिलती है।
  7. डाइट प्लान में बताए गए अनुसार- नाश्ते के साथ चटनी, सांभर, उबले अंडे ज़रूर लें ताकि आपका नाश्ता संतुलित हो।
  8. नाश्ते, दोपहर और रात के खाने के बीच में कुछ छोटा स्नैक (snack) लें।
  9. सुबह के स्नैक के साथ नींबू पानी या छाछ ज़रूर लें।
  10. शाम के स्नैक के साथ हिबिस्कस चाय (hibiscus tea) ज़रूर लें। यह आपके हार्मोन को संतुलन में लाती है।
  11. खाने से 10-15 मिनट पहले सब्ज़ियों का सलाद खाना चाहिए। इससे पेट जल्दी भर जाता है और देर तक भूख नहीं लगती।
  12. डाइट प्लान में बताई गई खाने की मात्रा (portion size) के अनुसार ही खाएँ।
  13. रात का भोजन रात के 9 बजे से पहले ही खा लें।
  14. सोने से पहले जो भी आपको पीना हो, जैसे कि दूध, वह सोने से कम से कम 30-45 मिनट पहले पी लें।
  15. रोज़ रात को 11 बजे तक सो जाएँ। समय पर सोने से आप बिना ज़रूरत के नहीं खाएँगे और इससे कैलोरी (calorie) भी सही रहेगी।
  16. रोज़ 7-8 घंटे की नींद लें।
  17. रोज़ अपना खाना ऐप में लॉग (log) करें ताकि आप सेहतमंद खाना ही खाएँ। फ़ूड ट्रैकिंग (food tracking) के फ़ायदे जानने के लिए हमारा ब्लॉग पढ़ें।
  18. हिंट ऐप के रिमाइंडर (reminder) से खाने के समय में नियमितता बनाएँ।
  19. रोज़ वर्कआउट ट्रैक (workout tracking) करें ताकि यह पता चल सके कि कितनी कैलोरी इस्तेमाल हुई।
  20. तनाव कम करने के लिए योग (yoga) और गहरी साँस लेने के व्यायाम करें।
  21. रोज़ अपना पसंदीदा व्यायाम कम से कम 30 मिनट करें।
  22. खाना खाते समय अपना ध्यान खाने पर रखें, कहीं और जैसे कि टीवी पर नहीं।

न करने योग्य नियम (Don’ts)

  1. भोजन कम करने या भोजन न करने से आपको किसी भी तरह से वज़न कम करने में मदद नहीं मिलेगी।
  2. शराब या धूम्रपान का सेवन न करें।
  3. तली हुई चीज़ें न खाएँ।
  4. मीट (meat) और फ़्रोज़न मीट (frozen meat) न खाएँ, क्योंकि उससे सैचुरेटेड फैट (saturated fat) मिलता है जिसकी वजह से दिल के रोग होने की संभावना बढ़ती है।
  5. फ़ुल फैट वाला दूध (full fat milk) और उससे बनी चीज़ों का सेवन न करें, क्योंकि उससे दिल की बीमारियाँ होने की संभावना रहती है।
  6. डालडा (dalda), मक्खन (butter), नारियल तेल (coconut oil), पाम ऑयल (palm oil) और चीज़ (cheese) का सेवन न करें।
  7. पेप्सी, सोडा, कोक इत्यादि का सेवन न करें।
  8. चाय या कॉफ़ी दिन में 2 कप से ज़्यादा न पिएँ।

caffeine side effects in hindi. कैफ़ीन लेने की मात्रा कम करें

  1. आलू, शकरकंद, अरबी जैसी सब्ज़ियों का सेवन कम रखें, क्योंकि इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (glycemic index) ज़्यादा होता है जिसकी वजह से शुगर बढ़ सकती है।
  2. प्रिज़र्वेटिव (preservative) वाली चीज़ें नहीं खानी चाहिए।

पी.सी.ओ.एस. से जुड़े टिप्स (Tips)

  1. टी.एस.एच. (TSH) की जाँच हर 3-6 महीने में कराएँ ताकि हाइपोथायरायडिज्म (hypothyroidism) को होने से रोक पाएँ।
  2. हफ़्ते में एक बार वज़न की जाँच करें। इस डाइट प्लान (diet plan) से आपका वज़न भी कम होगा।
  3. 5% - 10% वज़न कम करने पर ही आपका मासिक धर्म समय से होने लगेगा।
  4. हफ़्ते में 0.5-1 किलो वज़न कम करने का लक्ष्य रखें।
  5. शरीर का स्वस्थ वज़न बनाए रखें। पोषण से भरा खाना खाएँ।
  6. 6 महीने में एक बार अपने विटामिन डी (vitamin D) की जाँच ज़रूर कराएँ। विटामिन डी का मासिक धर्म पर प्रभाव रहता है। हिंट ऐप (Hint app) पर अपना खान-पान रिकॉर्ड करके अपना विटामिन डी (vitamin D) ध्यान में रखें।
  7. रोज़ाना व्यायाम करें, पूरी नींद लें, और तनाव कम करने वाली गतिविधियाँ करें।
  8. व्यायाम से पहले प्री-वर्कआउट मील (pre workout meal) पूरी तरह लें ताकि आप वज़न कम करने के लिए सही तरह से वर्कआउट कर सकें।
  9. अपने मासिक धर्म (periods) को ट्रैक करते रहें।
  10. डिप्रेशन से जुड़े लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें।
  11. तला हुआ खाना न खाएँ।
  12. मांसाहारी खाने में लीन मीट लें।
  13. हफ़्ते में एक बार मछली लें।
  14. सभी तरह के फल और सब्ज़ियाँ खाएँ, क्योंकि हर चीज़ में अलग-अलग विटामिन (vitamin), मिनरल (mineral) और एंटीऑक्सीडेंट (antioxidant) होते हैं। इसके साथ यह खाने में अलग-अलग रंग और स्वाद भी लाते हैं।
  15. किसी भी तरह की क्रैश डाइट (crash diet) न करें।

ज़्यादातर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या पी.सी.ओ.एस. के मरीज़ों को दूध, दूध से बनी चीज़ें या ग्लूटन वाली चीज़ों का परहेज़ रखना होता है?

ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है जिसके अनुसार ऐसी खाने की चीज़ों का परहेज़ रखना ज़रूरी हो। यह सब आप संयम (moderation) में ले सकते हैं।

2. क्या यह डाइट करने के लिए कुछ सप्लिमेंट्स (supplements) या आकर्षक भोजन (exotic foods) लेने की ज़रूरत है?

नहीं। इस डाइट को करने के लिए कुछ अलग खाना लाने की ज़रूरत नहीं है। इस डाइट प्लान (diet plan) में भी दूसरी डाइट की तरह संतुलन में सारी सब्ज़ियाँ, फल, साबुत अनाज, प्रोटीन, लीन मीट और हेल्दी फैट लें।

3. पी.सी.ओ.एस. में एक दिन में कितनी देर व्यायाम करना चाहिए?

प्लान में बताए गए वर्कआउट का पालन करें। पी.सी.ओ.एस. में एक दिन में कम से कम 30 मिनट संतुलित व्यायाम, हफ़्ते में 5 दिन करें।

4. पी.सी.ओ.एस. में वज़न कैसे कम करें?

पी.सी.ओ.एस. का यह डाइट प्लान वज़न कम करने में मदद करेगा। हफ़्ते में एक बार अपना वज़न ज़रूर नापें। 5% से 10% तक वज़न कम करते ही आपका मासिक धर्म (Periods) समय पर होने लगेगा।

5. किन न्यूट्रिएंट्स (nutrients) से पी.सी.ओ.एस. के लक्षण कम होंगे?

ऐसी खाने की चीज़ें जिनमें विटामिन डी (vitamin D), विटामिन बी (B vitamins), आयोडीन (Iodine), सेलेनियम (selenium) और मैग्नीशियम (magnesium) हो, वे लें, जिससे आपके इंसुलिन (insulin) की मात्रा संतुलित रहे और पी.सी.ओ.एस. से जुड़े लक्षण कम हों।

6. पी.सी.ओ.एस. क्या है?

पॉली सिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम एक बहुत ही आम हेल्थ इशू (health issue) है। इसमें महिला सेक्स हार्मोन असंतुलित हो जाते हैं। यह प्रजनन आयु (reproductive age) की 10 में से 1 महिला को प्रभावित करता है।

What is PCOS problem in Hindi. पी सी ओ एस होने के कारण

7. पी.सी.ओ.एस. होने के क्या कारण हैं?

पी.सी.ओ.एस. होने का कोई सटीक कारण नहीं है, परंतु इसके लक्षण इंसुलिन प्रतिरोध (Insulin resistance) की वजह से होते हैं। आनुवंशिकता (Genetics) और सूजन एवं जलन की वजह से पुरुष हार्मोन बढ़ने की संभावना होती है, जिसकी वजह से पी.सी.ओ.एस. हो सकता है।

8. इंसुलिन प्रतिरोध (insulin resistance) क्या है?

इंसुलिन प्रतिरोध तब होता है जब आपकी कोशिकाएँ इस हार्मोन का अच्छी तरह से जवाब नहीं दे पातीं। इससे आपके शरीर के रक्त में ग्लूकोज़ (glucose) की मात्रा ज़्यादा हो जाती है।

9. पी.सी.ओ.एस. का जोखिम (Risk) किसे रहता है?

अगर आपकी माँ या बहन को पी.सी.ओ.एस. है, तो आपको यह होने की संभावना बढ़ जाती है। यह तब भी हो सकता है अगर आप अधिक मोटे हों या फिर आपमें इंसुलिन प्रतिरोध हो।

PCOS ke lakshan in hindi. PCOS symptoms in hindi. पी सी ओ एस से होने वाली परेशानियाँ

10. पी.सी.ओ.एस. से जुड़े क्या लक्षण होते हैं?

इसमें सबसे आम लक्षण मासिक धर्म (periods) समय पर न होना और बांझपन (infertility) हो सकता है। इसके साथ कई अन्य लक्षण जैसे कि चेहरे, पेट या छाती पर ज़्यादा बाल होना, सिर के बालों का टूटना और पतला होना, चेहरे पर दाने और मुहाँसे होना, थकान महसूस करना, कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना, थायरॉइड की समस्या, वज़न बढ़ना और डिप्रेशन हो सकते हैं।

11. पी.सी.ओ.एस. से हमारी त्वचा पर क्या असर होता है?

इसकी वजह से हमारे चेहरे पर दाने या मुहाँसे हो सकते हैं, और गर्दन के पीछे या बग़ल (Underarm) में काले-गहरे धब्बे हो सकते हैं।

12. पी.सी.ओ.एस. से जुड़ी क्या कॉम्प्लिकेशन्स (complications) हैं?

जिन महिलाओं को पी.सी.ओ.एस. होता है, उन्हें कुछ गंभीर बीमारियाँ जैसे कि टाइप 2 डायबिटीज़, उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure), हृदय रोग और कैंसर होने की संभावना रहती है।

13. क्या पी.सी.ओ.एस. और पी.सी.ओ.डी. एक ही हैं?

पी.सी.ओ.डी. में महिला की ओवरी में अपरिपक्व अंडे (immature eggs) होते हैं। पी.सी.ओ.एस. एक मेटाबॉलिक बीमारी है और यह पी.सी.ओ.डी. से ज़्यादा गंभीर होती है। इसमें महिला की ओवरी ज़्यादा मात्रा में पुरुष हार्मोन बनाती है, जिसकी वजह से ओवरी में हर महीने 10 से ज़्यादा फ़ॉलिक्युलर सिस्ट बनती हैं।

14. पी.सी.ओ.एस. का स्थायी (permanent) इलाज क्या है?

पी.सी.ओ.एस. का अभी कोई इलाज नहीं है, परंतु इसके लक्षणों को खान-पान और जीवनशैली में सुधार करके कम किया जा सकता है। इसके लिए रोज़ व्यायाम करना चाहिए और धूम्रपान नहीं करना चाहिए।

15. क्या वज़न कम करना पी.सी.ओ.एस. को सुधारने में मदद करता है?

देखा गया है कि 5% वज़न कम करने से पी.सी.ओ.एस. के मरीज़ों की इंसुलिन की मात्रा कम हो जाती है, जिससे मासिक धर्म समय पर होता है, शरीर पर हो रहे ज़्यादा बाल कम होने लगते हैं और चेहरे से मुहाँसे कम होते हैं।

16. ए.एम.एच. की सामान्य मात्रा (normal range of AMH) क्या है?

एंटी म्यूलेरियन हार्मोन की सामान्य मात्रा >1.0 ng/mL से < 3.5 ng/mL होती है।

17. पी.सी.ओ.एस. के दौरान ए.एम.एच. की क्या मात्रा होती है?

पी.सी.ओ.एस. के दौरान, ए.एम.एच. की मात्रा ≥ 4.45 ng/mL होती है।

18. पी.सी.ओ.एस. की जाँच के लिए कौन-से ब्लड टेस्ट कराने होते हैं?

पी.सी.ओ.एस. की जाँच के लिए सीरम टेस्टोस्टेरोन, प्रोलैक्टिन, 17-OH प्रोजेस्टेरोन, 17-हाइड्रॉक्सीप्रोजेस्टेरोन (17 OHP), एल.एच. (LH), एफ.एस.एच. (FSH), एस्ट्राडियोल, डिहाइड्रोएपिएंड्रोस्टेरोन सल्फ़ेट (डी.एच.ई.ए.एस./DHEAS) और टी.एस.एच. (TSH) कराने चाहिए।

19. क्या पी.सी.ओ.एस. वाली महिला गर्भवती हो सकती है?

हाँ। पी.सी.ओ.एस. होने का यह मतलब नहीं है कि वह महिला गर्भवती नहीं हो सकती।

20. पी.सी.ओ.एस. होने से गर्भावस्था में क्या प्रभाव पड़ता है?

पी.सी.ओ.एस. होने की वजह से गर्भपात (miscarriage) होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके साथ जेस्टेशनल डायबिटीज़ या सिजेरियन (cesarean) की संभावना भी हो सकती है।

21. पी.सी.ओ.एस. में कौन-से फल नहीं खाने चाहिए?

ऐसे फल जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज़्यादा होता है, जैसे कि तरबूज़, अनानास और केला।

22. पी.सी.ओ.एस. में कौन-से फल लाभकारी होते हैं?

डाइट प्लान में दिए गए सभी फल लाभकारी होते हैं।

23. क्या स्पीयरमिंट चाय पी.सी.ओ.एस. में अच्छी होती है?

हाँ। इसमें भारी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो हार्मोन को संतुलन में लाने में मदद करते हैं और पाचन को भी ठीक करते हैं।

24. क्या ग्रीन टी पी.सी.ओ.एस. के लिए अच्छी है?

हाँ। ग्रीन टी पीने से इंसुलिन प्रतिरोध कम होता है, एंड्रोजन की मात्रा कम होती है, ओवरी में बनी सिस्ट कम होती हैं, वज़न कम करने में मदद मिलती है और जलन व सूजन कम होती है। ग्रीन टी वही लेनी चाहिए जिसमें कैफ़ीन न हो।

25. क्या एप्पल साइडर विनेगर (apple cider vinegar) पी.सी.ओ.एस. में अच्छा होता है?

हाँ। एप्पल साइडर विनेगर से शरीर के रक्त की शुगर कम होती है, पी.सी.ओ.एस. से जुड़े लक्षण कम होते हैं और वज़न भी कम होता है।

26. क्या इंटरमिटेंट फ़ास्टिंग पी.सी.ओ.एस. में लाभकारी होती है?

नहीं। अगर आपको पी.सी.ओ.एस. है तो यह ज़रूरी है कि आप हर थोड़ी देर में कुछ न कुछ खाते रहें। इससे आपकी रक्त शुगर संतुलन में रहेगी। बिना किसी एक्सपर्ट की सलाह के की गई इंटरमिटेंट फ़ास्टिंग से आपकी शुगर बढ़ने और इंसुलिन प्रतिरोध होने की संभावना हो सकती है।

27. पी.सी.ओ.एस. में कौन-सी सब्ज़ियाँ अच्छी होती हैं?

पी.सी.ओ.एस. डाइट प्लान में बताई गई सभी सब्ज़ियाँ अच्छी होती हैं।

28. क्या पी.सी.ओ.एस. में मिलेट्स (millets) अच्छे होते हैं?

रागी, ज्वार, बाजरा - ये सभी पी.सी.ओ.एस. में महिलाओं के हार्मोन को संतुलन में रखने में मदद करते हैं। ऐसे ही मिलेट्स इस पी.सी.ओ.एस. डाइट प्लान में भी दिए गए हैं।

29. क्या पी.सी.ओ.एस. में किसी तरह का दर्द होता है?

पी.सी.ओ.एस. में ओवरीज़ में अपरिपक्व अंडे होते हैं और हार्मोन भी असंतुलित होते हैं। इसकी वजह से दर्द, ऐंठन और पेट फूलने की शिकायत हो सकती है।

30. क्या रजोनिवृत्ति (menopause) के दौरान पी.सी.ओ.एस. के लक्षण खत्म हो जाते हैं?

काफ़ी महिलाओं में रजोनिवृत्ति के समय उनका मासिक धर्म (Periods) समय पर होने लगता है, पर यह हर बार ज़रूरी नहीं है। उनके बाकी पी.सी.ओ.एस. के लक्षण भले ही कम हो जाते हैं, पर वे बने रहते हैं।

31. क्या अलसी के बीज (flaxseeds) पी.सी.ओ.एस. में अच्छे होते हैं?

हाँ। अलसी के बीज एंड्रोजन की मात्रा कम करते हैं। अलसी के बीज से अच्छी मात्रा में आयरन, फ़ाइबर, पोटैशियम, प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन बी6, फ़ोलेट, फ़ॉस्फ़ोरस, मैग्नीशियम, ज़िंक, कॉपर और सेलेनियम मिलता है।

32. क्या पी.सी.ओ.एस. में सौंफ फ़ायदेमंद होती है?

हाँ। सौंफ में फ़ाइटोएस्ट्रोजन होता है, जिससे पी.सी.ओ.एस. के लक्षण कम होते हैं। सौंफ से अच्छी मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और ज़िंक मिलता है। इसके साथ यह पाचन प्रक्रिया भी ठीक करती है।

33. क्या कद्दू के बीज (Pumpkin seeds) पी.सी.ओ.एस. में अच्छे होते हैं?

हाँ। कद्दू के बीज से फ़ोलेट, मूफ़ा (MUFA), पूफ़ा (PUFA), फ़ाइबर, पोटैशियम, नियासिन, ज़िंक और कॉपर मिलता है, जिसकी वजह से ये एस्ट्रोजन की मात्रा में सुधार लाते हैं।

34. क्या पी.सी.ओ.एस. में जीरा पानी फ़ायदा करता है?

हाँ। जीरा पानी से हार्मोन संतुलन में रहते हैं, पी.सी.ओ.एस. से जुड़े लक्षण कम होते हैं और मासिक धर्म समय पर आता है। इसके साथ जीरा पानी पीने से वज़न भी कम होता है।

35. क्या पी.सी.ओ.एस. में पोहा खा सकते हैं?

हाँ। जिन महिलाओं को पी.सी.ओ.एस. होता है, उन्हें इंसुलिन प्रतिरोध होता है। इसलिए उन्हें ऐसी डाइट लेनी चाहिए जिसमें फ़ाइबर ज़्यादा हो और अनाज कम हो। पोहा नाश्ते के लिए एक अच्छा विकल्प है।

36. क्या पी.सी.ओ.एस. में किनोआ (quinoa) खा सकते हैं?

हाँ। किनोआ में भारी मात्रा में प्रोटीन होता है और इसमें अनाज की मात्रा कम होती है, जिसकी वजह से यह खाने का एक अच्छा विकल्प है। किनोआ से आयरन, मैग्नीशियम, कॉपर, थायमिन, विटामिन बी6 और विटामिन ई मिलता है।

37. क्या पी.सी.ओ.एस. में शहद अच्छा होता है?

नहीं। 1 बड़ी चम्मच (15gm) शहद से 50 कैलोरी (50 kcal) मिलती है। पी.सी.ओ.एस. में शहद नहीं लेना चाहिए।

38. क्या पीनट बटर पी.सी.ओ.एस. में खा सकते हैं?

नहीं। इसमें अधिक मात्रा में सैचुरेटेड फैट, सोडियम और अन्य प्रिज़र्वेटिव होते हैं जो सेहत के लिए हानिकारक होते हैं।

39. क्या साइकिल चलाना पी.सी.ओ.एस. में अच्छा होता है?

हाँ। कुछ व्यायाम जैसे कि चलना, हल्का दौड़ना, साइकिल चलाना और तैरना पी.सी.ओ.एस. में किए जा सकते हैं।

लेखक के बारे में

अस्फिया फातिमा Clearcals में मुख्य डाइटीशियन हैं। उनके पास डाइटेटिक्स और क्लिनिकल न्यूट्रिशन में मास्टर डिग्री है और उन्हें क्लिनिकल न्यूट्रिशन और लाइफस्टाइल मैनेजमेंट में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है।

वह वजन घटाने, डायबिटीज़ और मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए साक्ष्य-आधारित डाइट प्लानिंग में विशेषज्ञ हैं।

Clearcals में, वह Hint ऐप के पीछे पोषण रणनीति का नेतृत्व करती हैं, जिससे उपयोगकर्ता वैज्ञानिक रूप से समर्थित मार्गदर्शन के साथ अपने स्वास्थ्य लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें।

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