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लेखिका: Dr. Sumedha Verma, Consultant Physician, Clearcals | अपडेट: मई 2026
ट्राइग्लिसराइड्स (Triglycerides) खून में पाए जाने वाले वसा का सबसे सामान्य प्रकार हैं। भारत में यह सबसे अधिक देखी जाने वाली लिपिड असामान्यताओं में से एक है — और अक्सर अनदेखी की जाती है क्योंकि ध्यान कोलेस्ट्रॉल पर ज्यादा जाता है।
ट्राइग्लिसराइड्स शरीर में ऊर्जा संग्रहीत करने का मुख्य तरीका है। जब हम जरूरत से ज्यादा कैलोरी खाते हैं — विशेषकर कार्बोहाइड्रेट और शर्करा से — लिवर उस अतिरिक्त ऊर्जा को ट्राइग्लिसराइड्स में बदल देता है और इसे वसा कोशिकाओं में जमा कर देता है।
खाने के बाद ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर अस्थायी रूप से बढ़ता है — इसीलिए लिपिड प्रोफाइल टेस्ट के लिए 9–12 घंटे का उपवास जरूरी है।
| स्तर | ट्राइग्लिसराइड्स का मान | महत्व |
|---|---|---|
| सामान्य | 150 mg/dL से कम | अच्छा |
| बॉर्डरलाइन अधिक | 150–199 mg/dL | आहार पर ध्यान देने की जरूरत |
| अधिक | 200–499 mg/dL | हृदय रोग का खतरा, सक्रिय प्रबंधन जरूरी |
| बहुत अधिक | 500 mg/dL या अधिक | पैंक्रियाटाइटिस का खतरा, तुरंत चिकित्सकीय ध्यान जरूरी |
भारत में ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ने का मुख्य कारण अधिक चर्बी वाला भोजन नहीं, बल्कि रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, चीनी और शराब है।
जब हम जरूरत से ज्यादा कार्बोहाइड्रेट खाते हैं — सफेद चावल की अधिक मात्रा, मैदा, चीनी, बिस्किट, कोल्ड ड्रिंक — लिवर इस अतिरिक्त ग्लूकोज को ट्राइग्लिसराइड्स में बदल देता है। इसीलिए कई भारतीय मरीजों में फैट कम खाने के बावजूद ट्राइग्लिसराइड्स अधिक रहते हैं।
खान-पान संबंधी कारण:
चिकित्सीय कारण:
यह जानना जरूरी है कि 150–500 mg/dL के बीच के ट्राइग्लिसराइड्स में अधिकतर कोई लक्षण नहीं होते। यह केवल रक्त जाँच में पता चलता है।
बहुत अधिक ट्राइग्लिसराइड्स (500 mg/dL से अधिक) में ये लक्षण हो सकते हैं:
जैंथोमास: त्वचा के नीचे पीले-नारंगी रंग के उभार, विशेषकर नितंबों, कोहनी और घुटनों पर।
जैंथेलास्मा: पलकों पर पीले रंग के जमाव।
पेट में तेज दर्द: बहुत अधिक ट्राइग्लिसराइड्स (500–1000 mg/dL से ऊपर) पैंक्रियाटाइटिस (अग्नाशय की सूजन) का कारण बन सकते हैं — यह एक गंभीर चिकित्सीय आपातकाल है।
रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट कम करें: सफेद चावल की मात्रा आधी करें। मैदा, बिस्किट, सफेद ब्रेड बंद करें। ब्राउन राइस, बाजरा, जौ, और रागी से बदलें — इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है।
मीठे पेय बिल्कुल बंद करें: कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस, मीठी चाय — इनमें फ्रक्टोज होता है जो सीधे लिवर में ट्राइग्लिसराइड्स बनाता है। पानी, छाछ, और बिना चीनी की चाय लें।
ओमेगा-3 युक्त भोजन लें: मछली (बंगड़ा/मैकेरल, सारडीन/तारली) सप्ताह में 2–3 बार। शाकाहारियों के लिए: 1 बड़ा चम्मच पिसी अलसी (flaxseeds) रोज और 30 ग्राम अखरोट रोज।
घुलनशील फाइबर बढ़ाएं: ओट्स, इसबगोल (psyllium husk), दालें (राजमा, छोले, मूंग), और छिलके सहित फल।
शराब बंद करें: शराब सीधे लिवर में ट्राइग्लिसराइड्स उत्पादन बढ़ाती है। यदि ट्राइग्लिसराइड्स 200 mg/dL से अधिक हो तो शराब पूरी तरह बंद करें।
एरोबिक व्यायाम: रोज 30 मिनट तेज चलना। व्यायाम VLDL कणों को तोड़ने वाले एंजाइम को सक्रिय करता है जिससे ट्राइग्लिसराइड्स कम होते हैं।
वजन कम करना: पेट की चर्बी घटाने से VLDL और ट्राइग्लिसराइड्स में तेजी से सुधार होता है। 5–10% वजन कम करने से भी महत्वपूर्ण फर्क पड़ता है।
ट्राइग्लिसराइड्स सभी लिपिड पैरामीटर में सबसे तेजी से आहार के प्रति प्रतिक्रिया करते हैं। रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट कम करने, मीठे पेय बंद करने और ओमेगा-3 जोड़ने से 4–8 हफ्तों में 20–40% की कमी हो सकती है।
यदि 3–6 महीने के सतत आहार और जीवनशैली परिवर्तन के बाद भी ट्राइग्लिसराइड्स 200 mg/dL से अधिक रहें, या यदि वे 500 mg/dL से अधिक हों (पैंक्रियाटाइटिस का खतरा), तो डॉक्टर दवाई लिख सकते हैं:
फाइब्रेट्स (जैसे फेनोफाइब्रेट): ट्राइग्लिसराइड्स के लिए पहली पसंद की दवा, 30–50% तक कम करती है।
प्रेस्क्रिप्शन ओमेगा-3: बहुत अधिक ट्राइग्लिसराइड्स (500 mg/dL से अधिक) के लिए।
👉 अधिक पढ़ें: ट्राइग्लिसराइड्स कैसे कम करें — 7-दिन का भारतीय डाइट प्लान
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ट्राइग्लिसराइड्स क्या होता है हिंदी में? ट्राइग्लिसराइड्स खून में पाए जाने वाले वसा का सबसे सामान्य प्रकार है। जब हम जरूरत से ज्यादा कैलोरी खाते हैं, लिवर उसे ट्राइग्लिसराइड्स में बदल देता है और इसे VLDL के रूप में खून में छोड़ता है। इसका सामान्य स्तर 150 mg/dL से कम होना चाहिए।
ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ने का क्या मतलब है? ट्राइग्लिसराइड्स 150 mg/dL से अधिक होना बॉर्डरलाइन उच्च है। 200 mg/dL से अधिक होना उच्च है और इसका मतलब है कि हृदय रोग का खतरा बढ़ा हुआ है। 500 mg/dL से अधिक होना बहुत खतरनाक है क्योंकि इससे पैंक्रियाटाइटिस हो सकता है।
ट्राइग्लिसराइड्स कम करने के लिए क्या खाएं और क्या न खाएं? खाएं: ओट्स, ब्राउन राइस, बाजरा, दालें, अलसी, अखरोट, मछली, हरी सब्जियाँ। न खाएं: कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस, सफेद चावल अधिक मात्रा में, मैदे के उत्पाद, बिस्किट, मिठाई, और शराब।
क्या ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ने से कोई लक्षण होते हैं? 150–500 mg/dL के बीच आमतौर पर कोई लक्षण नहीं होते। यह केवल रक्त जाँच से पता चलता है। 500 mg/dL से अधिक होने पर त्वचा पर पीले उभार और पेट में दर्द हो सकता है।
Dr. Sumedha Verma Clearcals में Consultant Physician हैं, जिनके पास clinical medicine और healthcare services में व्यापक अनुभव है। उन्हें fatty liver, diabetes, thyroid disorders, PCOS, infertility और अन्य स्त्री रोग संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं जैसी metabolic conditions के प्रबंधन में विशेष दक्षता हासिल है। अपने patient-centered approach के लिए जानी जाती हैं, Dr. Verma व्यक्तिगत चिकित्सीय मार्गदर्शन और दीर्घकालिक देखभाल के ज़रिए patient compliance सुधारने और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य परिणाम प्राप्त करने में मदद करती हैं।
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