Track your nutrition and health goals

वैक्सीन की दो खुराक लेने के बाद भी अगर COVID के किसी नए वेरिएंट से संक्रमण हो जाए, तो यह अनुभव सुखद नहीं होता। दुर्भाग्यवश, कभी-कभी आपकी जीवनशैली या किसी अंतर्निहित बीमारी (underlying clinical condition) के कारण आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity) संक्रमण रोकने के लिए पर्याप्त मजबूत नहीं होती। मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखना अब हमारी आदत बन चुकी है। लेकिन उचित पोषण के जरिए अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत करना ओमिक्रॉन (Omicron) या भविष्य में फैलने वाले किसी भी नए वेरिएंट के संक्रमण से लड़ने में आपके शरीर की निश्चित रूप से मदद करेगा।
इम्यूनिटी बढ़ाने का विचार भले ही आकर्षक लगे, लेकिन यह सिर्फ एक Zincovit की गोली खा लेने से नहीं होता। इम्यून सिस्टम कोई एकल इकाई नहीं, बल्कि एक जटिल प्रक्रिया है जिसे सही ढंग से काम करने के लिए संतुलन और सामंजस्य की जरूरत होती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए आपको अपने व्यवहार में टिकाऊ बदलाव करने होंगे। शारीरिक रूप से सक्रिय रहना और कई महीनों तक इम्यूनिटी बढ़ाने वाला आहार लेना संक्रमण से बचाव की आपकी संभावनाओं को काफी बेहतर बनाता है।
जब बात इम्यूनिटी बढ़ाने की आती है, तो कोई एक अकेला फूड यह काम नहीं कर सकता। आपको ऐसे आहार की जरूरत है जो उन पोषक तत्वों से भरपूर हो जो आपकी इम्यून कोशिकाओं (immune cells) को पोषण देते हैं। अगर आप खुद अपना आहार बदलना चाहते हैं, तो नीचे दी गई पोषक तत्वों से भरपूर फूड्स की सूची आपके लिए है।
नीचे दी गई सूची पढ़ने से पहले ध्यान दें कि इन सभी पोषक तत्वों वाले फूड्स की एक चुनी हुई लाइब्रेरी Hint ऐप पर उपलब्ध है। आप रेसिपी सेक्शन देख सकते हैं, जहाँ फूड्स को उच्च जिंक, मैग्नीशियम, विटामिन C, विटामिन D और विटामिन E के स्तर के आधार पर वर्गीकृत किया गया है। आप Hint ऐप का उपयोग करके इन सभी खनिजों और विटामिनों की मात्रा को ट्रैक भी कर सकते हैं।
जिंक (Zinc)
जिंक एक आवश्यक पोषक तत्व है जो इम्यून सिस्टम के सही कामकाज के लिए जरूरी है। जिंक इम्यून सिस्टम के कई पहलुओं को प्रभावित करता है, और यह अनुकूली एवं अर्जित प्रतिरोधक क्षमता (adaptive and acquired immunity) के नियमन तथा इम्यून कोशिकाओं के निर्माण के लिए आवश्यक है। जिंक की कमी इम्यून कोशिकाओं की वृद्धि और कार्यक्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है1। जिंक की RDA (Recommended Dietary Allowance) पुरुषों के लिए 17 mg/दिन और महिलाओं के लिए 13.2 mg/दिन है। जिंक युक्त फूड्स में मांस, शेलफिश, पोल्ट्री, नट्स और बीन्स शामिल हैं।
मैग्नीशियम (Magnesium)
मैग्नीशियम एक महत्वपूर्ण खनिज है जो इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद करता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। यह फेफड़ों के कार्य (pulmonary function) को काफी बेहतर बनाता है, जो COVID-19 वायरस का प्रमुख निशाना है2। मैग्नीशियम की RDA 4 mg प्रति दिन है। मैग्नीशियम से भरपूर फूड्स में डार्क चॉकलेट, काली बीन्स, एवोकाडो और साबुत अनाज (whole grains) शामिल हैं।
विटामिन C (Vitamin C)
बच्चों, वयस्कों और यहाँ तक कि बुजुर्गों की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए विटामिन C आवश्यक है। विटामिन C की कमी से प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। संक्रमण बढ़ी हुई सूजन (inflammation) और मेटाबॉलिक जरूरतों के कारण विटामिन C के स्तर को काफी प्रभावित करते हैं। विटामिन C इम्यून कोशिकाओं के लिए प्रोऑक्सीडेंट, फेफड़ों की उपकला कोशिकाओं (lung epithelial cells) के लिए एंटीऑक्सीडेंट और इम्यूनोसप्रेसिव प्रभावों के रूप में शरीर की मदद भी करता है3।
विटामिन C की RDA 80 mg प्रति दिन है। बैंगन, शिमला मिर्च, चुकंदर, पालक और फूलगोभी जैसी कुछ सब्जियाँ विटामिन C से काफी भरपूर मानी जाती हैं और इम्यूनिटी के लिए अच्छी होती हैं। ब्रोकली, मशरूम और यहाँ तक कि केल जैसी हरी सब्जियाँ भी अच्छे स्रोत हैं। आँवला, संतरा, मौसमी जैसे फल उत्कृष्ट स्रोत हैं।
विटामिन D (Vitamin D)
विटामिन D एक और पोषक तत्व है जो इम्यून सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए बेहद जरूरी है, और यह विटामिन एक मजबूत इम्यून सिस्टम में योगदान देता है तथा हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखता है। शोध बताते हैं कि प्लाज्मा में विटामिन D का उच्च स्तर इम्यून कोशिकाओं को बढ़ाता है और कोलोरेक्टल कैंसर के जोखिम को कम करता है, जहाँ इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है4।
विटामिन D की RDA 15 mcg प्रति दिन है। एक क्लिनिकल अध्ययन के अनुसार, 4,000 IU/दिन विटामिन D सप्लीमेंट लेने से डेंगू वायरस के संक्रमण में कमी आई5। विटामिन D का सबसे आम स्रोत धूप है, और अन्य स्रोतों में दूध व दूध से बने उत्पाद, अंडे की जर्दी, मछली, अनार के बीज, मिक्स्ड नट्स, रागी, कटहल, प्लम, सेब, एवोकाडो और पपीता शामिल हैं।
विटामिन E (Vitamin E)
विटामिन E को "ब्यूटी विटामिन" के नाम से भी जाना जाता है। यह स्वस्थ, चमकदार त्वचा और बालों के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि विटामिन E स्वस्थ इम्यून फंक्शन में भी सहायक होता है? जी हाँ, इम्यून सिस्टम के प्रभावी कामकाज के लिए विटामिन E आवश्यक है। विटामिन E एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है जो आपको विभिन्न संक्रमणों, बैक्टीरिया और वायरस से बचा सकता है।
विटामिन E की RDA 10 mg प्रति दिन है। कई फूड्स में विटामिन E होता है, जिनमें व्हीट जर्म, सूरजमुखी और सैफ्लॉवर जैसे वनस्पति तेल; बादाम, पिस्ता, सूरजमुखी के बीज और कद्दू के बीज जैसे नट्स; तथा पालक और ब्रोकली जैसी हरी सब्जियाँ शामिल हैं।

क्या आप जानते हैं? हमारी 80% इम्यूनिटी हमारी आँत (gut) में होती है, क्योंकि वहाँ खरबों स्वस्थ बैक्टीरिया रहते हैं। और इन बैक्टीरिया की संख्या प्रीबायोटिक्स और प्रोबायोटिक्स के जरिए बढ़ती है।
प्रीबायोटिक्स ऐसे अपाच्य खाद्य तत्व हैं जो अच्छे बैक्टीरिया को उत्तेजित करते हैं और स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं। प्रीबायोटिक्स का सेवन सुरक्षात्मक सूक्ष्मजीवों की आबादी बढ़ाकर इम्यूनिटी के कार्यों को बेहतर कर सकता है। पशुओं और मनुष्यों पर किए गए अध्ययनों से पता चला है कि प्रीबायोटिक्स लैक्टोबैसिली और बिफिडोबैक्टीरिया जैसे लाभकारी बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं6। प्रीबायोटिक्स युक्त फूड्स के सामान्य उदाहरणों में केला, लहसुन, प्याज, साबुत अनाज और सोयाबीन शामिल हैं।
प्रोबायोटिक्स जीवित सूक्ष्मजीव होते हैं, जिनका सेवन करने या शरीर पर लगाने से स्वास्थ्य लाभ मिलता है। प्रोबायोटिक्स पर हुए अध्ययनों में एलर्जी, एक्जिमा, वायरल संक्रमण जैसी इम्यून रिस्पॉन्स से जुड़ी बीमारियों के इलाज तथा वैक्सीन के प्रति प्रतिक्रिया बढ़ाने में इनकी चिकित्सीय क्षमता दिखी है7। प्रोबायोटिक्स से भरपूर फूड्स में इडली, डोसा, केफिर, दही, छाछ, पनीर, टोफू, चीज और अचार जैसे फर्मेंटेड उत्पाद शामिल हैं।
लहसुन (Garlic)
लहसुन का उपयोग प्राचीन काल से ही भोजन और औषधि दोनों के रूप में होता आया है। लहसुन खाने से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं, और इसमें ऐसे कई यौगिक होते हैं जो इम्यूनिटी बढ़ा सकते हैं। लहसुन के उच्च औषधीय गुण का श्रेय इसमें मौजूद सल्फर युक्त यौगिक एलिसिन (allicin) को जाता है। नियमित रूप से लहसुन खाने से इम्यूनिटी बढ़ती है और सर्दी-जुकाम व फ्लू की गंभीरता कम होती है8।
अदरक (Ginger)
अदरक के स्वास्थ्य लाभ अनादि काल से ज्ञात हैं। अदरक का उपयोग विभिन्न रूपों में — ताजा, सूखा और तेल के रूप में — किया जाता है। ताजा अदरक में मानव श्वसन तंत्र की कोशिकाओं में ह्यूमन रेस्पिरेटरी सिन्सिशियल वायरस के खिलाफ एंटी-वायरल गुण होते हैं9।
हल्दी (Turmeric)
हल्दी, वह पीला मसाला जिसका उपयोग कई लोग खाना पकाने में करते हैं, अपने यौगिक करक्यूमिन (curcumin) के कारण महत्वपूर्ण औषधीय गुण रखती है। करक्यूमिन ने अपने कई स्वास्थ्य लाभों के लिए दुनिया भर में ध्यान आकर्षित किया है, जो मुख्य रूप से इसके एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेटरी तंत्र के जरिए काम करते हैं। अध्ययन बताते हैं कि गठिया, एलर्जी, अस्थमा, एथेरोस्क्लेरोसिस, हृदय रोग, अल्जाइमर, डायबिटीज और कैंसर में करक्यूमिन के लाभकारी प्रभावों का कारण आंशिक रूप से इसकी इम्यून सिस्टम को नियंत्रित करने की क्षमता हो सकती है10।
ग्रीन टी (Green tea)
ग्रीन टी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करती है। अध्ययनों से पता चला है कि इसमें मौजूद यौगिक एपिगैलोकैटेचिन गैलेट (EGCG) इम्यूनिटी को बढ़ाता है। ग्रीन टी अमीनो एसिड एल-थियानिन (L-theanine) का भी अच्छा स्रोत है। एल-थियानिन आपकी T कोशिकाओं में रोगाणुओं से लड़ने वाले यौगिकों के उत्पादन में मदद कर सकता है11।
क्या आप उलझन में हैं कि इन फूड्स को अपने आहार में कैसे शामिल करें? हमारे पास इन फूड्स से बनी रेसिपी की एक लाइब्रेरी है; आपको बस HINT ऐप के रेसिपी सेक्शन में इन्हें शामिल करने वाली रेसिपी खोजनी हैं और अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए इन्हें अपने भोजन में शामिल करना शुरू करना है।
संदर्भ (REFERENCES):