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सूर्य नमस्कार: 12 आसन, विधि, लाभ और कैलोरी बर्न

July 2, 2026
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सूर्य नमस्कार: 12 आसन, विधि, लाभ और कैलोरी बर्न

संक्षेप में (TLDR)

  • सूर्य नमस्कार एक ऊर्जावान योग क्रम है जो गति (movement), श्वास (breath) और सजगता (mindfulness) को जोड़ता है।
  • सूर्य नमस्कार में 12 आपस में जुड़े योग आसन (postures) शामिल होते हैं।
  • सूर्य नमस्कार लचीलापन (flexibility) बढ़ाता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity) को मजबूत करता है और ताकत बढ़ाता है।
  • विशेषज्ञ मानते हैं कि नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करने से हृदय स्वास्थ्य बेहतर होता है और वजन कम करने में भी मदद मिलती है।

सूर्य नमस्कार क्या है?

सूर्य नमस्कार, जिसे Sun Salutation भी कहते हैं, योग आसनों की एक श्रृंखला है जिन्हें एक क्रम में करके गति का एक सुंदर प्रवाह बनाया जाता है।

सूर्य नमस्कार एक पारंपरिक योग अभ्यास है जिसमें 12 आपस में जुड़े आसनों को एक बहते हुए क्रम में किया जाता है। यह एक गतिशील और लयबद्ध अभ्यास है जो गति, श्वास और सजगता को एक साथ जोड़ता है।

सूर्य नमस्कार के हर आसन को श्वास लेने (inhalation) या छोड़ने (exhalation) के साथ ताल-मेल में किया जाता है, जिससे पूरे शरीर में ऊर्जा का एक सामंजस्यपूर्ण प्रवाह बनता है। यह अभ्यास अक्सर उगते या डूबते सूर्य की ओर मुख करके किया जाता है, ताकि सूर्य और उसकी जीवनदायिनी ऊर्जा को सम्मान दिया जा सके।

सूर्य नमस्कार केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक और ध्यान का अभ्यास भी है। यह लचीलापन, ताकत और संतुलन बढ़ाता है, साथ ही रक्त संचार (circulation), पाचन (digestion) और समग्र स्वास्थ्य में भी सुधार लाता है। माना जाता है कि यह शरीर, मन और आत्मा को जागृत और सक्रिय करता है।

सूर्य नमस्कार का नियमित अभ्यास शरीर के प्रति जागरूकता बढ़ाने, तनाव कम करने, एकाग्रता सुधारने और भीतरी शांति की भावना पैदा करने में मदद करता है। यह अलग-अलग स्तर के अभ्यासियों के लिए उपयुक्त है, क्योंकि व्यक्तिगत जरूरतों और क्षमताओं के अनुसार इसमें बदलाव किए जा सकते हैं।

कुल मिलाकर, सूर्य नमस्कार एक समग्र (holistic) अभ्यास है जो गति, श्वास और सजगता को एकीकृत करता है और अनेक शारीरिक, मानसिक व आध्यात्मिक लाभ देता है।

सूर्य नमस्कार कैसे करें?

सूर्य नमस्कार एक गतिशील और ऊर्जावान योग क्रम है जो गति, श्वास और सजगता को जोड़ता है।

सूर्य नमस्कार करने के लिए, अपनी मैट के आगे वाले हिस्से पर खड़े हो जाएं, दोनों पैर एक साथ मिले हुए हों और हथेलियाँ छाती के सामने जुड़ी हुई हों।

हर श्वास लेने और छोड़ने के साथ, 12 आसनों की एक श्रृंखला से गुजरें। यह क्रम सूर्य को सम्मान देने, शरीर को जागृत करने और शारीरिक ताकत, लचीलेपन तथा मानसिक स्पष्टता को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है।

जैसे-जैसे आप इन आसनों के प्रवाह में चलें, हर गति के साथ अपनी श्वास का ताल-मेल बनाए रखें, जिससे यह अभ्यास एक ध्यानमय और तरोताज़ा करने वाला अनुभव बन जाए।

चाहे आप शुरुआती हों या अनुभवी अभ्यासी, सूर्य नमस्कार आपके समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और मन, शरीर व आत्मा के बीच गहरा संबंध बनाने का एक समग्र तरीका प्रदान करता है।

सूर्य नमस्कार के चरण

Stand at the front of your mat with feet together, palms pressed together in front of your chest.

1. प्राणामासन (Prayer Pose)

अपनी मैट के आगे वाले हिस्से पर खड़े हो जाएं, दोनों पैर एक साथ मिले हुए और हथेलियाँ छाती के सामने जुड़ी हुई हों।

Inhale, stretch your arms up and arch your back slightly, keeping your biceps close to your ears.

2. हस्त उत्तानासन (Raised Arms Pose)

श्वास लें, दोनों हाथ ऊपर की ओर फैलाएं और पीठ को हल्का सा पीछे की ओर झुकाएं, अपने बाइसेप्स को कानों के पास रखें।

Exhale, bend forward from the hips, bringing your palms to the floor beside your feet.

3. हस्त पादासन (Hand to Foot Pose)

Inhale, step your right leg back into a lunge position, with your right knee on the floor and hands placed on the mat on either side of your left foot.

श्वास छोड़ें, कूल्हों से आगे की ओर झुकें और अपनी हथेलियों को पैरों के पास फर्श पर टिकाएं।

4. अश्व संचालनासन (Equestrian Pose)

श्वास लें, अपने दाहिने पैर को पीछे की ओर ले जाकर लंज (lunge) की स्थिति में आएं, दाहिना घुटना फर्श पर हो और हाथ बाएं पैर के दोनों ओर मैट पर टिके हों।

Hold your breath and step your left leg back, coming into a plank position. Keep your body in a straight line.

5. दंडासन (Stick Pose)

श्वास रोकें और अपने बाएं पैर को भी पीछे ले जाकर प्लैंक (plank) की स्थिति में आएं। अपने शरीर को एक सीधी रेखा में रखें।

Exhale, lower your knees, chest, and chin to the floor, keeping your hips slightly lifted.

6. अष्टांग नमस्कार (Eight-Limbed Pose)

श्वास छोड़ें, अपने घुटनों, छाती और ठुड्डी को फर्श पर टिकाएं, जबकि कूल्हे थोड़े ऊपर उठे रहें।

Inhale, slide forward and lift your chest, keeping your palms on the mat and elbows bent.

7. भुजंगासन (Cobra Pose)

श्वास लें, आगे की ओर सरकें और अपनी छाती को ऊपर उठाएं, हथेलियाँ मैट पर टिकी रहें और कोहनियाँ मुड़ी हुई हों।

Exhale, tuck your toes under, lift your hips up and back, straightening your legs and forming an inverted V shape with your body.

8. अधोमुख श्वानासन (Downward Facing Dog Pose)

श्वास छोड़ें, अपने पैरों की उंगलियों को अंदर की ओर मोड़ें, कूल्हों को ऊपर और पीछे की ओर उठाएं, पैरों को सीधा करें और शरीर से एक उल्टे V आकार का रूप बनाएं।

9. अश्व संचालनासन (Equestrian Pose)

दूसरी ओर दोहराएं: श्वास लें, अपने दाहिने पैर को हाथों के बीच आगे लाएं, बायाँ घुटना फर्श पर हो और हाथ दाहिने पैर के दोनों ओर टिके हों।

10. हस्त पादासन (Hand to Foot Pose)

श्वास छोड़ें, अपने बाएं पैर को आगे लाकर दाहिने पैर से मिलाएं, कूल्हों से आगे की ओर झुकें और हथेलियाँ पैरों के पास फर्श पर टिकाएं।

11. हस्त उत्तानासन (Raised Arms Pose)

श्वास लें, ऊपर उठें, अपने हाथों को बगल से घुमाते हुए सिर के ऊपर ले जाएं और पीठ को हल्का सा पीछे की ओर झुकाएं।

12. प्राणामासन (Prayer Pose)

श्वास छोड़ें, अपनी हथेलियों को छाती के सामने जोड़ें और शुरुआती स्थिति में वापस आ जाएं।

ये 12 आसन सूर्य नमस्कार का एक चक्र पूरा करते हैं। आप इस क्रम को विपरीत पैर से शुरू करते हुए दोहरा सकते हैं और अभ्यास जारी रख सकते हैं।

प्रमाणित योग शिक्षिका कविता मोतीवाल के अनुसार, नियमित सूर्य नमस्कार अभ्यास आपके लचीलेपन को बेहतर बनाने, कुछ अतिरिक्त वजन कम करने और शरीर की मुद्रा (posture) सुधारने में मदद कर सकता है।

वे सुझाव देती हैं कि नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता और ताकत बढ़ती है, जिससे बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है। साथ ही, वे बताती हैं कि सूर्य नमस्कार हृदय स्वास्थ्य के लिए भी बहुत अच्छा है।

अच्छे पोषण के साथ योग मन, शरीर और आत्मा के बीच संतुलन बना सकता है।

सूर्य नमस्कार का अभ्यास कैसे करें, यह सीखने के लिए योग विशेषज्ञ कविता मोतीवाल का यह वीडियो देखें।

सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार के लाभ

नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करने के कुछ प्रमुख लाभ यहाँ दिए गए हैं:

1. बेहतर लचीलापन

सूर्य नमस्कार में आसनों की एक श्रृंखला शामिल होती है जो मांसपेशियों को खींचने और मजबूत बनाने में मदद करती है, जिससे लचीलापन और गति की सीमा (range of motion) बढ़ती है।

2. बढ़ी हुई ताकत

सूर्य नमस्कार के आसन मांसपेशियों में ताकत बनाने में भी मदद करते हैं, खासकर शरीर के ऊपरी हिस्से, कोर (core) और पैरों में।

3. बेहतर पाचन

सूर्य नमस्कार की गतिविधियाँ पाचन तंत्र (digestive system) को उत्तेजित करने में मदद करती हैं, जिससे पाचन और मल त्याग बेहतर होता है।

4. तनाव और चिंता में कमी

सूर्य नमस्कार में श्वास और ध्यान पर केंद्रित रहने से तनाव (stress) और चिंता (anxiety) कम करने में मदद मिलती है, जिससे मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य बेहतर होता है।

5. बढ़ी हुई ऊर्जा

सूर्य नमस्कार ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने और थकान कम करने में मदद कर सकता है, जिससे शारीरिक प्रदर्शन और उत्पादकता बेहतर होती है।

6. बेहतर मुद्रा (Posture)

नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करने से शरीर की मुद्रा सुधरती है और पीठ दर्द तथा अन्य मुद्रा संबंधी समस्याओं का जोखिम कम होता है।

7. बेहतर नींद

नियमित रूप से सूर्य नमस्कार करने से नींद की गुणवत्ता सुधरती है और अनिद्रा (insomnia) के लक्षण कम होते हैं।

8. बेहतर हृदय स्वास्थ्य

सूर्य नमस्कार रक्त संचार और ऑक्सीजन के सेवन को बढ़ाकर हृदय स्वास्थ्य (cardiovascular health) को बेहतर बनाने में मदद करता है।

9. मजबूत रोग प्रतिरोधक तंत्र (Immune System)

सूर्य नमस्कार समग्र शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुधारकर रोग प्रतिरोधक तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करता है।

यदि आप अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना चाहते हैं, तो आप Hint Instant Immunity Booster Diet Plan की सदस्यता ले सकते हैं, जो आपके समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है और इम्युनिटी बढ़ाता है।

10. आध्यात्मिक विकास

सूर्य नमस्कार में सजगता और ध्यान पर केंद्रित रहने से आत्म-जागरूकता बढ़ती है और आध्यात्मिक विकास को बढ़ावा मिलता है।

सूर्य नमस्कार से कैलोरी बर्न

Calorie burn from Surya Namaskar depends on your metabolic rate and can be tracked using the Hint app for free.

सूर्य नमस्कार, किसी भी अन्य शारीरिक गतिविधि की तरह, आपको कैलोरी बर्न करने में मदद करता है।

सूर्य नमस्कार से कैलोरी बर्न आपके मेटाबॉलिक रेट (metabolic rate) पर निर्भर करता है और इसे Hint ऐप की मदद से मुफ्त में ट्रैक किया जा सकता है।

आपको बस इतना करना है कि जितनी देर आपने सूर्य नमस्कार का वर्कआउट किया, वह अवधि दर्ज करें और अपनी कैलोरी बर्न ट्रैक करें।

निष्कर्ष

अंत में, सूर्य नमस्कार एक ऐसा अभ्यास है जो अनेक शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक लाभ प्रदान करता है।

सूर्य नमस्कार को अपनी दिनचर्या में शामिल करके, आप अपने समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं और एक खुशहाल, अधिक संतुलित जीवन जी सकते हैं।

सही तकनीक सुनिश्चित करने और चोट से बचने के लिए सूर्य नमस्कार का अभ्यास किसी योग्य योग प्रशिक्षक के मार्गदर्शन में करना महत्वपूर्ण है।

आप अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए इंस्टेंट डाइट प्लान की सदस्यता लेने और सूर्य नमस्कार सहित अपनी वर्कआउट दिनचर्या शुरू करने के लिए Hint ऐप डाउनलोड कर सकते हैं।

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