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लेखिका: डॉ. सुमेधा वर्मा, कंसल्टेंट फिजीशियन, Clearcals
विटामिन E मुख्य रूप से मेवों, बीजों और वनस्पति तेलों में मिलता है। अच्छे भारतीय स्रोत हैं बादाम, मूंगफली, सूरजमुखी के बीज, सूरजमुखी और कुसुम (सैफ्लावर) का तेल, मूंगफली का तेल, गेहूं के बीज (व्हीट जर्म), पालक और सरसों के पत्ते। रोज मुट्ठी भर मेवे-बीज और खाने के तेल ज्यादातर लोगों की जरूरत पूरी कर देते हैं। खाने से कमी कम होती है, और हाई-डोज सप्लीमेंट हानिरहित नहीं हैं, इसलिए सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर लें।
विटामिन E वसा में घुलने वाला एंटीऑक्सीडेंट है जो कोशिकाओं को नुकसान से बचाता है और रोग-प्रतिरोधक क्षमता व नसों को सहारा देता है। भारतीय मानकों के अनुसार वयस्कों को रोजाना लगभग 10 mg चाहिए, जो थोड़े मेवे, बीज और तेल वाले सामान्य खाने से आसानी से पूरा हो जाता है।
| खाना | जानकारी |
|---|---|
| सूरजमुखी के बीज | सबसे समृद्ध स्रोतों में, थोड़ी मुट्ठी काफी। |
| बादाम | भरोसेमंद रोजमर्रा का स्रोत: रोज 6 से 8 बादाम आम मात्रा है। |
| मूंगफली और पीनट बटर | सस्ते और खूब खाए जाने वाले। बिना चीनी वाला चुनें। |
| सूरजमुखी, कुसुम और मूंगफली का तेल | अच्छे स्रोत, पर याद रखें तेल में कैलोरी बहुत होती है। |
| व्हीट जर्म | बहुत समृद्ध, पर आम तौर पर कम खाया जाता है। |
| पालक, सरसों के पत्ते, ब्रोकली | कम मात्रा जो जुड़ती जाती है। |
| एवोकाडो, आम | थोड़ा योगदान। |
मेवे, बीज और तेल बहुत कैलोरी वाले होते हैं, इसलिए मात्रा सीमित रखें: एक छोटी मुट्ठी मेवे (लगभग 20 से 30 ग्राम) और नापकर तेल। अगर आप वजन पर नज़र रख रहे हैं, तो यह विटामिन E के पीछे भागने से ज़्यादा मायने रखता है।
सामान्य खाना खाने वालों में विटामिन E की असली कमी दुर्लभ है। यह ज्यादातर उन स्थितियों में होती है जो वसा के अवशोषण को रोकती हैं, जैसे कुछ आंत, लिवर या आनुवंशिक बीमारियां, या समय से पहले जन्मे शिशुओं में। संकेत: नसों की समस्या (सुन्नपन, संतुलन की दिक्कत), मांसपेशियों की कमजोरी और नज़र की समस्या। ऐसा हो तो डॉक्टर को दिखाएं।
Hint में आप अपना भारतीय खाना लॉग कर सकते हैं और विटामिन E सहित सभी जरूरी विटामिनों का सेवन मुफ्त में ट्रैक कर सकते हैं, कैलोरी के साथ। यह इसलिए काम का है कि सबसे ज्यादा विटामिन E वाले खाने में कैलोरी भी ज्यादा होती है, तो दोनों संख्याएं साथ दिखती हैं। यह खाने के सेवन का अनुमान लगाता है और चिकित्सीय सलाह की जगह नहीं लेता। हमारा मुफ्त भारतीय खाने का कैलोरी कैलकुलेटर भी आजमाएं।
किस खाने में सबसे ज्यादा विटामिन E है? सूरजमुखी के बीज, बादाम और व्हीट जर्म सबसे समृद्ध में हैं, साथ में सूरजमुखी और कुसुम का तेल।
विटामिन E के लिए कितने बादाम खाएं? एक छोटी मुट्ठी, लगभग 6 से 8, अच्छी मात्रा देती है। ज्यादा खाने से कैलोरी बढ़ती है।
क्या विटामिन E की कमी अक्सर होती है? सामान्य खाना खाने वालों में खाने की वजह से नहीं।
विटामिन E की कमी से कौन सा रोग होता है? दुर्लभ मामलों में नसों की समस्या, मांसपेशियों की कमजोरी और नज़र की दिक्कत।
क्या विटामिन E त्वचा और बालों के लिए अच्छा है? पर्याप्त खाना सामान्य सेहत को सहारा देता है। त्वचा और बालों के लिए कैप्सूल के दावों पर त्वचा रोग विशेषज्ञ से बात करें।
क्या खून पतला करने की दवा के साथ विटामिन E ले सकते हैं? पहले डॉक्टर से पूछें, क्योंकि ज्यादा खुराक से खून बहने का जोखिम बढ़ सकता है।
चिकित्सीय अस्वीकरण। यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है और चिकित्सीय सलाह नहीं है। इस लेख के आधार पर कोई विटामिन सप्लीमेंट शुरू, बंद या न बदलें। लक्षण हों, कोई बीमारी हो या आप गर्भवती हों तो अपने डॉक्टर या रजिस्टर्ड डायटीशियन से बात करें।
यहां से शुरू करें: भारतीय खाने के लिए कैलोरी ट्रैकिंग (अंग्रेज़ी में), अगर आप भोजन लॉग करना शुरू कर रहे हैं।
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मुफ्त टूल (अंग्रेज़ी में):
डॉ. सुमेधा वर्मा Clearcals में कंसल्टेंट फिजीशियन हैं, जिन्हें क्लिनिकल मेडिसिन और हेल्थकेयर सेवाओं का व्यापक अनुभव है।
उन्हें डायबिटीज, थायरॉइड विकार, पीसीओएस, बांझपन और अन्य स्त्री रोग संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं जैसी पुरानी बीमारियों के प्रबंधन में विशेष विशेषज्ञता है।
मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण के लिए जानी जाने वाली डॉ. वर्मा मरीजों के इलाज में नियमितता बढ़ाने और व्यक्तिगत चिकित्सा मार्गदर्शन व दीर्घकालिक देखभाल के जरिए बेहतर स्वास्थ्य परिणाम पाने में उनकी मदद पर ध्यान देती हैं।
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