Track your nutrition and health goals

लेखिका: डॉ. सुमेधा वर्मा, कंसल्टेंट फिजीशियन, Clearcals
थायरोनॉर्म और एल्ट्रॉक्सिन थायरॉक्सिन (लेवोथायरॉक्सिन) के ब्रांड नाम हैं। यह वह दवा है जो उस थायरॉइड हार्मोन की कमी पूरी करती है जो आपका शरीर पर्याप्त नहीं बना पाता। सही तरीके से लेने पर अंडरएक्टिव थायरॉइड की वजह से बढ़ा कुछ वजन घट सकता है, लेकिन यह वजन घटाने की दवा नहीं है। खान-पान और एक्टिविटी फिर भी जरूरी हैं। हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह मानें।
थायरॉक्सिन, T4 का कृत्रिम रूप है, जो थायरॉइड ग्रंथि का मुख्य हार्मोन है। डॉक्टर इसे हाइपोथायरॉइडिज्म (अंडरएक्टिव थायरॉइड) में देते हैं, जो भारत में बहुत आम है, खासकर महिलाओं में। इसे थायरॉइड सर्जरी के बाद और कुछ दूसरी थायरॉइड समस्याओं में भी दिया जाता है।
ज्यादातर लोग इसे जीवन भर लेते हैं, और खुराक ब्लड टेस्ट, मुख्य रूप से TSH, के आधार पर तय होती है। खुराक आपके वजन, उम्र, थायरॉइड लेवल और दूसरी बीमारियों पर निर्भर करती है, इसलिए डॉक्टर से पूछे बिना इसे कभी न बदलें।
अंडरएक्टिव थायरॉइड मेटाबॉलिज्म धीमा कर देता है और शरीर में नमक और पानी रोकता है, इसलिए कई लोगों का निदान से पहले कुछ किलो वजन बढ़ जाता है। इलाज से हार्मोन लेवल सामान्य होने पर इसमें से कुछ वजन, खासकर अतिरिक्त पानी, कम हो सकता है।
वास्तविक उम्मीद:
ओवरडोज़ से सावधान। कुछ लोग जल्दी वजन घटाने के लिए ज्यादा थायरॉक्सिन ले लेते हैं। यह खतरनाक है। ज्यादा थायरॉक्सिन से तेज या अनियमित धड़कन, हाथ कांपना, घबराहट, नींद न आना, पसीना, हड्डियों का कमजोर होना और लंबे समय में दिल की लय की समस्या हो सकती है। इससे वजन भी स्थायी रूप से नहीं घटता।
थायरॉक्सिन खाली पेट सबसे अच्छी तरह सोखी जाती है। खाना, चाय और कॉफी से खून में पहुंचने वाली मात्रा घट सकती है, जिससे आपकी खुराक कम असरदार हो सकती है।
थायरॉइड ब्लड टेस्ट से पहले: अपने डॉक्टर या लैब की सलाह मानें। आम तरीका यह है कि टेस्ट वाले दिन पहले ब्लड सैंपल दें और फिर गोली लें। टेस्ट से पहले कई दिन तक गोली न छोड़ें।
कुछ खाने की चीजें और सप्लीमेंट थायरॉक्सिन के सोखने में दखल दे सकते हैं। आम नियम यह है कि इन्हें गोली से दूर रखें, छोड़ें नहीं।
| क्या | क्यों मायने रखता है | क्या करें |
|---|---|---|
| कैल्शियम सप्लीमेंट, एंटासिड | आंत में थायरॉक्सिन से जुड़ सकते हैं | कम से कम 4 घंटे का अंतर रखें |
| आयरन सप्लीमेंट और आयरन वाले मल्टीविटामिन | सोखना घटाते हैं | कम से कम 4 घंटे का अंतर रखें |
| चाय और कॉफी | साथ लेने पर सोखना कम कर सकती हैं | गोली के 30 से 60 मिनट बाद लें |
| सोया और बहुत ज्यादा फाइबर वाला खाना | ज्यादा मात्रा में सोखना घटा सकता है | गोली के साथ न लें, और मात्रा अचानक बदलने के बजाय नियमित रखें |
| बायोटिन (बाल और नाखून के सप्लीमेंट) | थायरॉइड ब्लड टेस्ट के नतीजे गलत कर सकता है | डॉक्टर और लैब को बताएं, और पूछें कि टेस्ट से पहले रोकना है या नहीं |
| दूध और दही | साथ लेने पर कैल्शियम दखल दे सकता है | पहले गोली लें, फिर कुछ देर बाद दूध या दही लें |
डेयरी, सोया या ज्यादा फाइबर वाला खाना बंद न करें। अपना खान-पान नियमित रखें और गोली का समय भी नियमित रखें, ताकि खुराक असरदार बनी रहे।
कोई खास "थायरॉइड डाइट" दवा की जगह नहीं ले सकती। सबसे अच्छा तरीका संतुलित भारतीय डाइट है जो वजन, ऊर्जा और पाचन को सहारा दे।
यह एक उदाहरण है, तय की गई डाइट नहीं। अपनी भूख, कैलोरी की जरूरत और डॉक्टर या डायटीशियन की सलाह के अनुसार बदलाव करें।
| समय | उदाहरण |
|---|---|
| उठते ही | थायरोनॉर्म की गोली सादे पानी से, फिर 30 से 60 मिनट रुकें |
| नाश्ता | सब्जी वाला बेसन चीला या मूंग चीला दही के साथ, या दो अंडे का सफेद हिस्सा और एक पूरा अंडा रोटी के साथ |
| मध्य-सुबह | एक फल और मुट्ठी भर मेवे |
| दोपहर का खाना | एक या दो रोटी, एक कटोरी दाल, सब्जी की बड़ी सर्विंग, सलाद |
| शाम | भुना चना या स्प्राउट्स चाट, और चाय (गोली के एक घंटे के भीतर नहीं) |
| रात का खाना | चावल या रोटी की छोटी मात्रा, पनीर या मछली या टोफू, और सब्जियां |
अगर आप कैल्शियम या आयरन सप्लीमेंट लेते हैं तो उन्हें दोपहर या रात के खाने के साथ लें, सुबह की गोली से काफी दूर।
डॉक्टर से संपर्क करें अगर आपको:
अगर इलाज के बावजूद वजन नहीं बदल रहा, तो अगली चीज आपकी थाली है। Hint भारतीय खाने के लिए बना है, इसलिए आप अपना खाना लॉग करके हर भोजन की कैलोरी और प्रोटीन देख सकते हैं। एक या दो हफ्ते की लॉगिंग से पता चलता है कि मात्रा और स्नैक्स कहां जुड़ रहे हैं, और डॉक्टर या डायटीशियन से बात करने के लिए ठोस जानकारी मिलती है। हमारा मुफ्त भारतीय खाने का कैलोरी कैलकुलेटर (अंग्रेज़ी में) भी आजमाएं। हमारा लेख थायरॉइड के लिए अच्छे भारतीय खाद्य पदार्थ भी पढ़ें।
क्या थायरोनॉर्म से मेरा वजन घटेगा? कम थायरॉइड हार्मोन की वजह से बढ़ा कुछ वजन घट सकता है, लेकिन यह वजन घटाने की दवा नहीं है। ज्यादा से ज्यादा थोड़े बदलाव की उम्मीद रखें।
थायरोनॉर्म खाली पेट क्यों ली जाती है? खाना, चाय और कॉफी से शरीर में सोखी जाने वाली थायरॉक्सिन घट जाती है, इसलिए खाली पेट सबसे भरोसेमंद खुराक देता है।
क्या मैं थायरोनॉर्म खाने के बाद ले सकता/सकती हूं? कुछ मामलों में डॉक्टर अलग समय बता सकते हैं, लेकिन खाने के बाद लेने से आम तौर पर सोखना कम होता है। समय खुद न बदलें और नियमित रखें।
क्या सुबह चाय या कॉफी पी सकता/सकती हूं? हां, लेकिन गोली के 30 से 60 मिनट बाद।
क्या थायरोनॉर्म के साथ कैल्शियम या आयरन ले सकता/सकती हूं? इन्हें गोली से कम से कम चार घंटे दूर रखें।
क्या थायरॉइड टेस्ट से पहले थायरोनॉर्म लेनी चाहिए? अपने डॉक्टर या लैब की सलाह मानें। आम तरीका है कि टेस्ट वाली सुबह ब्लड सैंपल के बाद गोली लें।
अगर TSH सामान्य है तो क्या थायरोनॉर्म बंद कर सकता/सकती हूं? नहीं। सामान्य TSH का आमतौर पर मतलब है कि खुराक काम कर रही है। दवा बंद करने से समस्या वापस आ सकती है। खुराक कब और कैसे बदलनी है, यह डॉक्टर तय करते हैं।
क्या पत्ता गोभी, फूलगोभी या सोया से परहेज करना होगा? नहीं। पकाकर सामान्य मात्रा में ठीक हैं। बस मात्रा नियमित रखें और सोया या ज्यादा फाइबर वाला खाना गोली के साथ न लें।
चिकित्सीय अस्वीकरण। यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है और चिकित्सीय सलाह नहीं है। थायरॉक्सिन एक प्रिस्क्रिप्शन दवा है। इस लेख के आधार पर खुराक शुरू, बंद या न बदलें और अतिरिक्त गोलियां न लें। अपनी स्थिति के बारे में अपने डॉक्टर या रजिस्टर्ड डायटीशियन से बात करें।
यहां से शुरू करें: हाइपोथायरॉइडिज्म के लिए हमारी भारतीय डाइट योजना (अंग्रेज़ी में), और अगर आप भोजन लॉग करना शुरू कर रहे हैं तो भारतीय खाने के लिए कैलोरी ट्रैकिंग (अंग्रेज़ी में)।
संबंधित लेख:
दवा और डाइट पर अन्य गाइड:
मुफ्त टूल (अंग्रेज़ी में):
डॉ. सुमेधा वर्मा Clearcals में कंसल्टेंट फिजीशियन हैं, जिन्हें क्लिनिकल मेडिसिन और हेल्थकेयर सेवाओं का व्यापक अनुभव है।
उन्हें डायबिटीज, थायरॉइड विकार, पीसीओएस, बांझपन और अन्य स्त्री रोग संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं जैसी पुरानी बीमारियों के प्रबंधन में विशेष विशेषज्ञता है।
मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण के लिए जानी जाने वाली डॉ. वर्मा मरीजों के इलाज में नियमितता बढ़ाने और व्यक्तिगत चिकित्सा मार्गदर्शन व दीर्घकालिक देखभाल के जरिए बेहतर स्वास्थ्य परिणाम पाने में उनकी मदद पर ध्यान देती हैं।
लिंक्डइन पर डॉ. सुमेधा से जुड़ें